बरसाना की विश्व प्रसिद्ध होली की धूम, जानिये लट्ठमार के साथ लड्डू होली की ख़ासियत

मथुरा। श्रीजी का धाम बरसाना एक बार फिर द्वापर युग में राधाकृष्ण के द्वारा खेली गई लीलाओं का साक्षी बनेगा। राधारानी मंदिर के सेवायत विष्णु गोस्वामी और उनके पुत्र प्रियाशरण गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी ने बताया कि राधा की सखी नंदगांव में नंदबाबा मंदिर में कृष्ण को होली का  निमंत्रण देने जायेगी। कृष्ण व उनके सखा होली के निमंत्रण को स्वीकार लेते है। उस खुशी में पांडे द्वारा खाने के लिये दिये गये लड्डूओ खाने की बजाय सखीयों संग होली खेलने की खुशी में चहकने लग जाता है। उसी परंपरा को निभाने के लिये शुक्रवार की शाम को 5 बजे पांडे के रूप में सेवायत ध्रुवेश गोस्वामी और उसके दोनों भाई मंदिर के जगमोहन में समाज गायन के दौरान नाचेंगे।

इस दौरान श्रद्घालु पांडे के लिये भोग लगाने को दिये गये लड्डूओं को लुटाने लग जाते हैं। दर्शक अबीर गुलाल की बारिश के बीच एक दूसरे को धक्का देकर प्रसादी लड्डू लूटने लग जाते हैं।

अगले दिन 24 फरवरी को विश्व प्रसिद्घ लठामार होली का आयेजन किया जायेगा। लगभग डेढ़ सौ-दो सौ वर्ष पहले नन्द्गांव  से पांडा बरसाना में आता था। उस समय लड्डू होली देखने केे लिये मध्य प्रदेश के दतिया जिले के महाराज राधा रानी मंदिर मौजूद थे। उस दौरान महाराज नृत्य और गुलाल की बरसात के मध्य लड्डूओं की बारिश से खुश हो गये और नाचने वाले पांडे को काफी धन दिया। जिसको देखकर बरसाना के सेवायतों के मन में लालच आ गया और अगली होली से नन्द्गांव के पांडे की  जगह सेवायत ही पांडे बनकर नाचने लग गये। होली के दौरान जिस सेवायत की सेवा होती है वह सेवायत ही पंडा बनकर नाचता है। 

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