नकल पर नकेल, केंद्र व्यवस्थापकों के लिए शासन ने दिए दिशा-निर्देश

आगरा। छात्र-छात्राएं यदि ऐसा सोच रहें हैं कि बोर्ड परीक्षाओं में पढ़ाई के अलावा नकल से या शिक्षकों से उन्हें मदद मिल सकती है तो वे गलतफहमी में रह सकते हैं। क्योंकि
बोर्ड परीक्षाओं को नकल विहीन कराने के लिए शासन ने आवश्यक दिशा-निर्देश के साथ पूरी तैयारी कर ली है और इसे अमलीजामा पहनाने के लिए प्रदेश के सभी शिक्षा विभागों को भी यह आवष्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। शासन से मिले इन निर्देशों को विद्यालय के सभी प्रधानाचार्यों और केन्द्र व्यवस्थापकों तक पहुंचाने के लिए बैपटिस्ट स्कूल में आवश्यक मीटिंग रखी गयी जिसमें शिक्षा विभाग के सभी अधिकारी, प्रधानाचार्य और शिक्षकगण मौजूद रहे।

शासन से मिले निर्देश के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थियों और कक्ष निरीक्षकों की संख्या को निर्धारित किया गया है। एक कक्ष में अधिकतम 40 छात्र-छात्राऐं परीक्षा देंगे जबकि दो निरीक्षकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। कक्ष के अंदर किसी को भी मोबाईल या अन्य इलैक्ट्राॅनिक उनकरण ले जाने की अनुमति नहीं होगी। सभी कक्ष में आवश्यक रूप से CCTV कैमरे भी लगाये जायेंगे। यदि प्रशासनिक अधिकारियों के निरीक्षण में CCTV कैमरे बंद पाये गये तो प्रधानाचार्य पर कार्यवाई की जायेगी।

परीक्षा केंद्रों पर जिन शिक्षकों की ड्यूटी लगाई जायेगी उन सभी शिक्षकों के पहचान पत्र और आधार कार्ड रखना जरूरी होगा। अशासकीय विद्यालयों के जो शिक्षक ड्यूटी पर लगाये जायेंगे उन सभी शिक्षकों को विशेष रूप से अपने नियुक्ति पत्र की एक काॅपी शिक्षा विभाग में जमा करानी होगी ताकि ऐसे शिक्षकों पर लगाम लगाई जा सके जो नकल कराने के लिए परीक्षा केन्द्रों में अवैध रूप से तैनाती पा जाते हैं।

इतना ही नहीं, इस बार नकल माफियाओं और दलालों पर नकेल कसने के लिए शासन द्वारा न केवल विद्यालयों के बाहर एसटीएफ की तैनाती की जायेगी बल्कि विद्यालय की बाउंड्रीवाल को बड़ी व मजबूत बनाने के साथ-साथ परीक्षा केन्द्रों के बाहरी दीवार की खिड़कियों को भी बंद करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्यों को अपने विद्यालय में लाईट, फर्नीचर और सुरक्षा के समुचित व्यवस्था के निर्देेश दिए गये हैं।

इसके अलावा लिपकीय त्रुटि के कारण किसी भी परीक्षार्थी को किसी भी सूरत में स्वकेन्द्र पर परीक्षा देने का अवसर नहीं दिया जायेगा लेकिन दिव्यांग परीक्षार्थी के साथ किसी भी तरह की कोई परेशानी नहीं होगी।

कहा जा सकती है कि इस बार योगी सरकार ने बोर्ड परीक्षाओं में नकल पर नकेल कसने की तैयारी कर ली है इसलिए ऐसे छात्रों को परेशानी हो सकती है जो सिर्फ नकल के भरोसे ही बोर्ड परीक्षा के पास होने की उम्मीद लगाये बैठे हैं।

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