आगरा। विधि परीक्षा में फेल होने पर आगरा और मथुरा सहित करीब चार जिलों के दो दर्जन से ज्यादा छात्रों ने डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में जमकर नारेबाजी की और कुलपति से निष्पक्ष जाँच कराकर उनके भविष्य को बचाने की मांग की। वहीं कुलपति ने हफ्ते भर में एक जांच टीम बनाकर उचित हल निकालने की बात कही है।
बताते चलें कि कोरोना महामारी की वजह से एलएलबी के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों को बिना परीक्षा के अंतिम वर्ष में प्रमोट कर दिया गया था और बताया गया था कि सिर्फ तृतीय वर्ष की परीक्षाएं संपन्न कराई जाएंगी लेकिन जब आगरा समेत चार जिलों के करीब 95 फ़ीसदी विद्यार्थियों का परिणाम आया तो उसमें सभी परीक्षार्थी फेल थे।
विद्यार्थियों का कहना है कि इन सभी जिलों में सिर्फ आगरा कॉलेज के विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम अभी तक जारी नहीं किया गया है। बाकी सभी कॉलेजों का परीक्षा परिणाम जारी कर दिया है जिसमें करीब 95 पीस दी छात्र-छात्राएं फेल है। विद्यार्थियों का कहना है कि हमारी परीक्षाओं में दीर्घ उत्तरीय पेपर आते थे लेकिन इस बार विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बिना किसी प्राथमिक सूचना के बहुविकल्पीय प्रक्रिया से परीक्षा ली गयी। उन्होंने बताया कि कॉलेज प्रशासन से जब इस बारे में बात की गई तो उनको भी इस संबंध में कोई भी जानकारी नहीं थी।
विधि विभाग से संबंधित करीब दो दर्जन से ज्यादा छात्र छात्राओं ने आज विश्वविद्यालय में जमकर नारेबाजी की और कुलपति को अपनी समस्याओं से संबंधित ज्ञापन सौंपा। और उनसे मांग की कि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का निराकरण करें जिससे उनका भविष्य खराब ना हो।
वहीं विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर अशोक मित्तल का कहना है छात्र-छात्राओं की समस्या के बारे में संज्ञान ले लिया गया है और हफ्ते भर का समय दिया गया है। हफ्ते भर में एक समिति गठित कर मामले की जांच कर छात्र हित में जो भी कार्रवाई होगी उसे पूर्ण किया जाएगा।