राष्ट्रीय अधिवेशन की बैठक के बाद कांग्रेसियों ने लिया यह निर्णय

आगरा। अखिल भारतीय कांग्रेस के 84 अधिवेशन में भाग लेकर लौटे कांग्रेसी कार्यकर्ता व पदाधिकारी उत्साह से लबरेज नजर आ रहे हैं। 84 वें राष्ट्रीय अधिवेशन के दौरान पार्टी के अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी को मजबूत करने के लिए जो दिशा निर्देश दिए हैं उन निर्देशों को कांग्रेसी कार्यकर्ता अमलीजामा पहनाने में जुट गए है।

इस अधिवेशन में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने साफ कहा कि पार्टी को मजबूत करने के लिए पुराने कार्यकर्ताओं को मायूस नहीं किया जाएगा तो वहीं युवा वर्ग को अधिक से अधिक जोड़ने की कवायदे की जाएंगी। इतना ही नहीं जनता की समस्याओं और प्रदेश सरकार की जनविरोधी नीतियों को लेकर मैदान में लड़ाई लड़ने के आदेश दिए है। साथ ही कांग्रेस के पदाधिकारियों को 2 दिन कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए भी तय किए गए हैं।

84 वें राष्ट्रीय अधिवेशन में भाग लेकर लौटे जिला अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा पत्रकारों से रूबरू हुए। इस वार्ता के दौरान जिला अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा का साफ तौर से कहना था कि इस अधिवेशन से 2019 के लोकसभा चुनाव का शंखनाद हो गया है। पार्टी को और मजबूत करने के लिए पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के घर पर जाया जाएगा। इतना नहीं जो कार्यकर्ता किसी कारणवश रूठ गए हैं उन्हें भी मना कर पार्टी की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

हर बार चुनाव के दौरान यह देखा जाता था कि पार्टी पैराशूट प्रत्याशियों को लाकर उतार देती थी जिसके बाद पार्टी में घमासान मच जाता था लेकिन अब दूसरी पार्टी से आए लोगों को वरीयता नहीं दी जाएगी बल्कि पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं को चुनावी रण में उतारा जाएगा।

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*