आगरा। विश्व के सात अजूबों में शामिल ताजमहल पर शिशुओं को स्तनपान कराने के लिए मां को अब कोना नहीं ढूंढ़ना होगा। मातृत्व सुख के इन पलों मे कभी-कभी ऐसी स्थितियां ऐसी भी बन जाती थीं कि शर्म के साथ असहज स्थिति का सामना भी करना पड़ता था। सैलानियों को दुधमुंहे बच्चे के साथ आने की स्थिति में केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्रालय की योजना के तहत देश में ताजमहल पर पहले बेबी फीडिंग रूम का शुभारंभ किया गया है।
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने गुरुवार सुबह 10 बजे ताजमहल परिसर में बनाए गए बेबी फीडिंग रूम का उद्घाटन किया। ताजमहल में बेबी फीडिंग रूम रॉयल गेट के लेफ्ट साइड पर बनाया गया है। यहां महिलाओं के बैठने के लिए सोफे, सामान रखने के लिए मेजें डाली गई हैं। साथ ही कक्ष पूरी तरह से वतानाकुलित है जिससे महिलाओं को शिशुओं को स्तनपान कराने में कोई दिक्कत नही आयेगी।

इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि यह उन महिला पर्यटको के लिए बड़ी समस्या थी जिनके छोटे छोटे बच्चे थे जो स्तनपान करते है अब उन महिला पर्यटको को कोई दिक्कत नही होगी और जल्द ही आगरा किला और फतेहपुर सीकरी में भी बेबी फीडिंग रूम बनाए जाएंगे।
इस साल की शुरुआत में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने यहां एक स्तनपान कक्ष बनाने की घोषणा की थी जिसे आज अमलीजामा पहना दिया गया है। बेबी फीडिंग रूम में एक महिला कर्मचारी होगी जो माताओं का सहयोग करेंगी। इस कक्ष से स्तनपान कराने वाली मांओं को निजी जगह मिलेगी, यह बहुत महत्वपूर्ण है।
इससे पहले केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने पूर्वी गेट टिकट विंडो का भी निरीक्षण किया। अधीक्षण पुरातत्वविद वसंत स्वर्णकार ने ताज पर शुरू की गई नई प्रवेश प्रक्रिया की भी जानकारी दी। इस दौरान उन्होंने जापानी पर्यटकों से बातचीत भी की और परिसर में सुविधाओं और असुविधाओं को लेकर जानकारी ली। इस दौरान सांसद एसपी सिंह बघेल भी मौजूद रहे।