विश्वविद्यालय प्रशासन ने आवासीय संस्थानों की परीक्षा शुल्क में की वृद्धि, विरोध में आए सभी छात्र संगठन हुए एकजुट

आगरा। डॉ भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने समस्त आवासीय संस्थानों की परीक्षा शुल्क में वृद्धि कर दी है। यह वृद्धि ऐसे समय में की गई है जबकि विश्वविद्यालय में कई परीक्षाएं शुरू हो चुकी है और मुख्य परीक्षाएं व प्रतियोगिता परीक्षाएं शुरू होने ही वाली है। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से की गई परीक्षा शुल्क में वृद्धि के बाद आवासीय संस्थानों के अधिकारी अब छात्रों से बढ़ी हुई फीस की मांग कर रहे हैं जिस के विरोध में शनिवार को एबीवीपी, एनएसयूआई और सपा छात्र सभा तीनों छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में धरना दिया।

एबीवीपी के पदाधिकारियों का कहना था आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति अपनी मनमानी कर रहे हैं। उनका कहना था कि कुलपति रात में सोते समय जो भी सपना देखते हैं सुबह उठते ही वह उसका नया नियम लागू कर देते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे समय में फीस में बढ़ोतरी की है जबकि हजारों छात्र डिमांड ड्राफ्ट बना चुके हैं और परीक्षा शुरू हो चुकी हैं।

वही एनएसयूआई के पदाधिकारियों का कहना था किस विद्यालय प्रशासन छात्र हित की अनदेखी कर रहा है। परीक्षाएं सिर पर है और ऐसे में जब पुराना डिमांड ड्राफ्ट कैंसिल कर छात्र नया डिमांड बनवाएंगे तो छात्रों का समय और पैसा दोनों ही बर्बाद होगा। इसलिए एनएसयूआई बढ़ी हुई परीक्षा फीस को लेकर विश्वविद्यालय के खिलाफ अपना आंदोलन जारी रखेगी।

इसके अलावा सपा छात्र सभा के छात्र नेताओं ने भी छात्र हित के लिए एबीवीपी और एनएसयूआई की लड़ाई में अपना समर्थन दे दिया और कुलसचिव कार्यालय के बाहर धरना दिया। सपा छात्र नेताओं का कहना था कि आधी परीक्षा शुरु होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने जो फीस वृद्धि की है वह उन्हें मंजूर नहीं। विश्वविद्यालय प्रशासन को यह निर्देश वापस लेना पड़ेगा अन्यथा सपा छात्र सभा अनिश्चितकालीन के लिए धरना प्रदर्शन करेगी।

हालांकि छात्र संगठनों के शनिवार को हुए धरना प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय में कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं था। उनकी गैरमौजूदगी में छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर मनोज श्रीवास्तव और सब रजिस्ट्रार विशंभर दयाल को अपना ज्ञापन सौंपा और आवासीय संस्थानों की बढ़ाई गई परीक्षा शुल्क वापस लेने की मांग उठाई।

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