केंद्र सरकार की इस पेंशन योजना का उ०प्र० प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ ने किया विरोध

आगरा। प्राथमिक स्कूलों में वर्षों से छात्रों को शिक्षा देने का कार्य कर रहे शिक्षा मित्रों का अभी तक प्रदेश सरकार स्थाई समाधान नहीं कर पाई है लेकिन चुनाव आते ही शिक्षा मित्रों को साधने के लिए सूबे के मुखिया की ओर से केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मानधन योजना के तहत शिक्षा मित्रों को पेंशन दिए जाने का आदेश दिया है। इस संबंध में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने एक पत्र भी जारी कर दिया है जिसको लेकर
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ आगरा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने ‘भीख नही सम्मान चाहिए, शिक्षकों का अधिकार चाहिए’ नारे को बुलंद करते हुए इस आदेश का पूरी तरह से बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि प्रदेश सरकार उनके साथ भद्दा मजाक कर रही है।

शिक्षामित्र संघ आगरा के जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र सिंह छौंकर ने इस आदेश को लेकर अपना एक वीडियो भी जारी किया है। इस वीडियो के माध्यम से उन्होंने सभी शिक्षामित्रों से अपील की है कि वो इस आदेश का अनुपालन न करे। सरकार वोट की खातिर उन्हें तोड़ना चाहती है जिससे वो अपनी स्थाई समस्या समाधान की मांग को भूल जाये। जिलाध्यक्ष का कहना है कि इस योजना का लाभ सिर्फ 40 साल तक के उम्र के शिक्षामित्रों को मिलेगा जबकि अधिकतर इस उम्र को पार कर चुके है।

वीरेंद्र सिंह छौंकर का कहना है कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ ने अगस्त 2018 में उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा के अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी लेकिन अभी तक उस कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नही की गई है। इतना ही नही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनारस में शिक्षामित्रों को लेकर जो वायदा किया था वो भी आज तक पूरा नही हुआ है। अपने स्थाई करण की मांग को लेकर प्रदेश में अब तक 1174 शिक्षामित्र अपनी जान गवां चुके है लेकिन अभी तक उन भाई बहिनों के साथ न्याय नही हो पाया है।

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