जानिये क्या हुआ जब आगरा कैंट स्टेशन पर दहशत में आये यात्री, जवानों ने संभाला मोर्चा

आगरा। मंगलवार का दिन और समय था शाम के 4:30। आगरा कैंट स्टेशन पर गणतंत्र दिवस से पहले आतंकवादी घुस आये। तभी आगरा कैन्ट स्टेशन के गेट पर सुरक्षा में तैनात आरपीएफ के जवानो की दो संधिग्दो पर नजर पड़ी। पता चला कि दोनों आतंकवादी है। सिपाहियो ने तुरंत अपने उच्च अधिकारियों को स्टेशन पर आतंकियों की घुसने की जानकारी दी। दो नकाब पोश आतंकियों को देख यात्रियो में भगदड़ मच गई। पीछे फोर्स दौड़ रहा था आगे आतंकी दौड़ रहे थे।

कैंट स्टेशन पर आतंकियों की घुसपैठ की सूचना वायरलैस पर दौड़ी तो पूरा फोर्स अलर्ट हो गया। दोनों नकाब पोश आतंकि पार्सल गेट प्लेट फार्म नम्बर एक से सिपाही पर हमला करते हुए घुसे थे। सूचना मिलते ही आरपीएफ और जीआरपी ने मोर्चा सम्भाल लिया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद एक आतंकवादी को स्टेशन के एन्ट्री गेट के पास से दबोच लिया गया तो दूसरे आतंकि को रेलवे परिसर से दबोच लिया गया। पकड़े गये दोनों आतंकियो को पुलिस ने तत्काल कार्यवाई करते हुए अपनी हिरासत में ले लिया। वहीं एक सिपाही घायल हो गया। घायल सिपाही को भी तत्काल इलाज के लिये अस्पताल भेज दिया गया। आंतकियों की मौजूदगी से कैंट स्टेशन छावनी बन चुका था। डाॅग स्क्वाड टीम ने भी चप्पे-चप्पे पर सघन चैकिंग अभियान चलाया। आरपीएफ और जीआरपी ने प्लेट फार्म से लेकर यात्री कक्ष और ट्रेनों के डिब्बे तक खंगाले।

हथियारों से लैस आरपीएफ और जीआरपी के ये जवान गणतंत्र दिवस को लेकर किये गये अलर्ट पर माॅक ड्रिल कर रहे थे। माॅकड्रिल में आरपीएफ और जीआरपी के साथ डाॅग स्क्वाड टीम भी मौजूद थी। यात्रियों को पता चला कि यह मॉक ड्रिल थी तो सभी ने राहत की सांस ली।

आरपीएफ कैन्ट इंस्पेक्टर ने बीपी सिंह बताया कि 26 जनवरी को लेकर यह मॉक ड्रिल की गयी थी जिससे जवान सुरक्षा में मुस्तैद रहे और किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटा जा सके। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि 26 जनवरी को लेकर गृह मंत्रालय से आतंकी हमले होने की सूचना मिली है इसलिये पूरे स्टेशन और ट्रेनों में चेकिंग बढ़ा दी है और संदिग्ध व्यक्तियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।

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