आगरा। शुक्रवार ( Friday) को डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय ( DBRAU) के पालीवाल पार्क परिसर स्थित बृहस्पति भवन ( Brihaspati Bhawan) में कुलपति प्रो. अशोक मित्तल (Ashok Mittal) की अध्यक्षता में कार्यपरिषद की बैठक संपन्न हुई, जिसमें सर्वसम्मति से कई निर्णय लिए गए –
1 – उच्च न्यायालय इलाहाबाद की स्पेशल अपील संख्या 326/ 2020 में हुए आदेश दिनांक 26 फरवरी 2021 के अनुपालन में एसआईटी द्वारा बी.एड. सत्र 2004-05 के टेम्पर्ड प्रकरणों के परीक्षण हेतु गठित जांच समिति की आख्या कार्य परिषद के समक्ष प्रस्तुत की गई। आख्या में बताया गया कि कुल 1084 टेंपर्ड प्रकरणों में एक विद्यार्थी का नाम 60 बार रिपीट हुआ है, अर्थात 60 बार चार्ट में लिखा गया है, जिसे हटाने के बाद टेंपर्ड प्रकरणों की वास्तविक संख्या 1024 पाई गई है। इनमें से 1021 प्रकरण टेम्पर्ड /फेक की श्रेणी में रखे गए हैं और केवल 3 प्रकरण ही ठीक पाए गए हैं। कार्यपरिषद ने समिति की आख्या को अनुमोदन प्रदान कर दिया है। अब यह जांच आख्या यथासमय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दी जाएगी।
2 – राज भवन से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुपालन में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के प्रवेश, परीक्षा आदि के समस्त प्रकार के शुल्क अब केवल ऑनलाइन ही जमा किए जाएंगे।
3 – कार्य परिषद द्वारा विद्या परिषद की बैठक दिनांक 24 जून 2021, वित्त समिति की बैठक दिनांक 10 जून 2021 और शिक्षक कल्याण कोष समिति की बैठक दिनांक 2 जून 2021 की संस्तुतियों को अनुमोदन प्रदान किया गया।
4 – कार्य परिषद द्वारा मृतक आश्रित के अंतर्गत नियुक्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मियों की परिवीक्षा अवधि सफलतापूर्वक पूर्ण होने पर उन्हें स्थाईकरण आदेश जारी करने हेतु संस्तुति प्रदान की गई।
5 – कुलाधिपति कार्यालय के पत्र संख्या ई- 3467/32- जीएस/बैठक 2021 दिनांक 4 जून 2021 को कार्य परिषद द्वारा अंगीकृत किया गया। इस पत्र में विश्वविद्यालय को यह निर्देशित किया गया है कि विश्वविद्यालय के आवासों में शैक्षणिक एवं गैर शैक्षणिक अधिकारी अथवा कर्मचारी के आवास में विद्युत आपूर्ति दाता कंपनी से मीटर लगवाया जाए और जिसका भुगतान सीधे-सीधे संबंधित कर्मचारी अथवा अधिकारी द्वारा बिजली कंपनी को किया जाए।
6 – एक अन्य महत्वपूर्ण यह भी इस पत्र में वर्णित है कि विश्वविद्यालय के अधीनस्थ कर्मचारियों को ओवरटाइम का भुगतान किया जाता है जो कि शासकीय व्यवस्था से विपरीत है। कुलपति से यह अपेक्षा की गई है कि इस व्यवस्था का सम्यक परीक्षण करके इसे संचालित करने अथवा बंद करने के बारे में शासन में वित्त विभाग का परामर्श प्राप्त करके निर्णय कराएं ।
इस बैठक में कुलसचिव डॉ अंजनी कुमार मिश्र, परीक्षा नियंत्रक डॉ राजीव कुमार, वित्त अधिकारी ए के सिंह, प्रो मनोज श्रीवास्तव, प्रो अनिल वर्मा, प्रो अजय तनेजा, प्रो संजय चौधरी, डॉ रणवीर सिंह, डॉ निर्मला यादव, डॉ सुकेश यादव, डॉ यशपाल सिंह, डॉ मो हुसैन सहित सहायक कुल सचिव ममता सिंह, पवन कुमार, अनूप कुमार आदि उपस्थित रहे ।