हर्षोल्लास के साथ मनाया गया 351वां प्रकाश पर्व

आगरा। गुरु संगत कीनी खालसा मन मुखी दुहेला, वाहो वाहो गोविन्द सिंह आपे गुरु चेला। उपरोक्त सबद का श्री दरबार साहिब अमृतसर के हुज़ूरी रागी भाई सतविंदर सिंह ने गायन किया। साहिब ए कमाल सरबंस दानी श्री गुरु गोविन्द सिंह जी का 351वां प्रकाश पूरब संपूर्ण भारत वर्ष में हर्षोल्लास से मनाया गया। इसी कड़ी में केन्द्रीय संस्था श्री गुरु सिंह सभा माईथान के तत्वावधान में प्रातः 6 बजे से 2.30 बजे तक और शाम का दीवान शाम 7 बजे 10 बजे तक श्री दूख निवारण साहिब गुरु के ताल और गुरुद्वारा कलगीधर सदर बाजार में हर्षोल्लास से मनाया गया।

माईथान में दीवान की आरम्भता सुखमनी साहिब के पाठ से वीर मोहिन्दर पाल एवं हरदीप सिंह ने की। इसके बाद भाई जसपाल सिंह अखंड कीर्तनी जत्थे ने गुरबानी का गायन किया। बीबी रानी सिंह स्त्री सिंह आगरा ने श्री गुरु गोविन्द सिंह जी द्वारा दी गई कुर्बानियो का जिक्र करते हुए काव्य पाठ किया। भाई अंकित सिंह भाई अमरजीत सिंह हजूरी रागी गुरुद्वारा माई थान ने तुम हो सब राजन के राजा का गायन कर संगत मन मोह लिया। भाई पवन सिंह हजूरी रागी ने भी गुरबानी का गायन किया। इस अवसर पर विशेष रूप से पधारे भाई रणजीत सिंह खोजकी पुर ने श्री गुरु गोविन्द सिंह जी के जन्म का वत्रान्त का वर्णन करते हुए कहा कि जुल्म को रोकने के लिए गुरु गोविन्द सिंह जी अवतार धारण करने के लिए आये। भाई सतविंदर सिंह हजूरी रागी दरबार साहिब ने निर्मोल कीर्तन किया ।

इस अवसर पर बन्टी ग्रोवर को नगर कीर्तन में दिये गए उनके योगदान और आगरा में शान्ति और अमन के लिए किये गए प्रयासों के लिए सिक्ख समाज का सर्वोच्च सम्मान सीरी साहिब दिया गया। परमात्मा सिंह को भी नगर कीर्तन में दिए गए योगदान के लिए सीरी साहिब दी। साथ ही सिटी मजिस्ट्रेट दलीप सिंह, सिविल डिफेंस के डिप्टी कंट्रोलर जसवंत सिंह, महंत योगेश पुरी, फादर मून लाज़रस, भंते ज्ञान रत्न के अलावा नगर कीर्तन के योगदान के लिए बिभिन्न गुरुद्वारों, जत्थे बंदियो, मीडिया, प्रशासन और राह में स्वागत करने के लिए सरोपा देकर प्रधान कंवलदीप सिंह, मुख्य प्रचारक ज्ञानी ओंकार सिंह, मीत प्रधान पाली सेठी ने सम्मानित किया। हेड ग्रंथी कुलविंदर सिंह ने सरबत के भले की अरदास की।

शाम का दीवान शाम 7 बजे गुरुद्वारा सदर बाजार में हुआ जिसमे भाई अमरीक सिंह ने सोदर रहिरास साहिब का पाठ किया। गुरुद्वारा गुरु के ताल पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। हजारो की संख्या में श्रद्धालु अपने गुरु के प्रकाश पुरब पर शीश नबाने आये थे। भाई कुलदीप सिंह कोमल व भाई गुरजीत सिंह दोनों हजूरी रागी गुरु के ताल ने गुरबानी का गायन किया। भाई केवल सिंह ने गुरु गोविन्द सिंह ने आगरा आने के इतिहास पर चर्चा की।

अंत में बाबा प्रीतम सिंह जी ने गुरबानी का गायन किया। गुरु के ताल पर मीडिया प्रभारी मास्टर गुरनाम सिंह, हरबंस सिंह, टीटू सिंह, महंत हरपाल सिंह, अमर सिंह आदि का सहयोग रहा।

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