मुस्लिम महिलाओं के इंसाफ के लिए है ये बिल

लोकसभा। तीन तलाक पर मोदी सरकार को ऐतिहासिक फतह हासिल हुई है, लोकसभा में कई संशोधन प्रस्ताव खारिज होने के बाद केंद्र का ‘मुस्लिम वीमेन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल’ आसानी से पास हो गया। दिनभर चली चर्चा के बाद बिल के पक्ष और विपक्ष में सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे।

सरकार की तरफ से जहां केंद्रीय कानून मंत्री ने बिल पेश करने के बाद मोर्चा संभाला वहीं विपक्ष की ओर से असदुद्दीन ओवैसी बिल के कई प्रावधानों का विरोध करते दिखाई दिए। उन्होंने इसे मुस्लिमों को जेल भेजने की साजिश बताया तो रविशंकर ने इस बिल को राजनीतिक चश्मे से न देखने की अपील की।

इस दौरान ओवैसी ने बिल पर तीन संशोधन प्रस्ताव भी रखे। उन्हीं के साथ बीजू जनता दल के सांसद भ्रातृहरि महताब और कांग्रेस सांसद सुष्मिता देव का संशोधन प्रस्ताव भी वोटिंग में एकतरफा खारिज हो गए। इसके बाद बिल के पक्ष में हुई वोटिंग में यह आसानी से पास हो गया, इसकी घोषणा करते हुए लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने शुक्रवार तक के लिए लोकसभा स्‍थगित कर दी। वहीं लोकसभा से बिल पास होते ही देशभर में इसको लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। इसी के साथ ही देशभर में जश्न का दौर शुरू हो गया। देश के कई हिस्सों में पटाखे छुड़ाकर और मिठाई बांटकर बिल पास होने की खुशी मनाई गई।

इससे पूर्व चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद और असदुद्दीन ओवैसी के बीच जमकर सवाल जवाब का दौर चला। रविशंकर प्रसाद ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि ‘कांग्रेस और अन्य पार्टियां की ये किंतु- परंतु समझ से परे हैं। महिलाएं हैं पीड़ित हैं तो हम इसे वोट के चश्में से नहीं देख रहे हैं। हम सियासत से नहीं इंसानियत के चश्में से तीन तलाक कानून को देख रहे हैं। मुस्लिम महिलाओं के इंसाफ के लिए है ये बिल, तीन तलाक पर कांग्रेस के रुख से हैरानी हुई है। यह बिल सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लाया जा रहा है।’

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