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पाइपलाइन फटने से लाखों लीटर गंगाजल हुआ बर्बाद, 4-5 दिन इन जल आपूर्ति रहेगी ठप

by admin
Millions of liters of Ganga water wasted due to pipeline burst, these water supply will be stalled for 4-5 days

Agra. मंगलवार को ताजमहल और आगरा किला के बीच खैराती टोला मार्ग पर बिछी पानी की 900 एमएम व्यास की पाइपलाइन अचानक से फट गई। पेयजल लाइन का प्रेशर इतना तेज था कि 20 फीट ऊंचा फव्वारा बन गया। कुछ ही देर में सड़क जलमग्न हो गयी। चारों ओर पानी ही पानी सड़क पर दिखाई देने लगा। वहां से गुजर रहे राहगीरों को दिक्कत हुई तो उन्होंने जलकल विभाग में इसकी सूचना दी। वहां से पता चला कि इस पाइप लाइन का काम जलनिगम के अधिकारियों की देखरेख में है। फिर जलनिगम के अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया। तब जाकर जलनिगम विभाग के अधिकारियों के नींद टूटी और जल संस्थान से पेयजल सप्लाई को रोका गया लेकिन लगभग पौने 1 घंटे के अंतराल में सड़क पर फैले हजारों लीटर गंगाजल यूं ही बर्बाद हो गया। इस पेयजल लाइन से ताजगंज के नगला मेवाती के लिए आपूर्ति चल रही थी। प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट (पीएचसी) पाइप के फटने पर इसे ठीक करने में कई दिनों का समय लग सकता है और खैराती टोला और उसके आसपास के क्षेत्र के लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

बताया जाता है कि जीवनी मंडी से आरसीसी प्लेटफार्म के जरिए यह लाइन मंटोला नाले तक आई है और उसके बाद यह भूमिगत होकर खैराती टोला से नगला मेवाती के ओवरहेड टैंक और रिजर्वायर के लिए पहुंची है। मंगलवार शाम को पाइपलाइन फटने से सड़क पर गहरा गड्ढा हो गया, एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है।

जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से यमुना नदी में आरसीसी प्लेटफार्म से 900 एमएम व्यास की पीएससी लाइन 15 साल पहले बिछाई गई थी। तब से यह चालू नहीं थी। अब इस काम को जलनिगम देख रहा है। चार महीने पहले जब यह लाइन टेस्टिंग के बाद चालू की गई तो यमुना किनारे आरसीसी प्लेटफार्म धंस गया, 45 लाख रुपये मरम्मत पर खर्च हुए। अब फिर से लाइन फट गई।

लोगों की जानकारी पर जीवनी मंडी वाटरवर्क्स से सप्लाई बंद की गई जिसके बाद जलकल विभाग के इंजीनियर और जलनिगम विश्व बैंक इकाई के प्रोजेक्ट मैनेजर महेश कुमार गौतम मौके पर पहुंचे और रोड पर बैरीकेडिंग की। गड्ढे और पाइप में भरे पानी को निकालने के लिए पंप लगाए गए हैं। लाइन में प्री-स्ट्रैस्ड कंक्रीट पाइप का प्रयोग है, अब यह आसानी से मिलते नहीं हैं।

लोगों का कहना था कि जिस प्रेशर से पानी की आपूर्ति होती है उस हिसाब से संभावना है कि तीस मिनट में पांच लाख लीटर से ज्यादा पानी बर्बाद हुआ होगा। यह पानी करीब चार-पांच हजार लोगों की एक दिन की जरूरत के लिए पर्याप्त होता। सूत्रों की माने तो पेयजल आपूर्ति लाइन को ठीक करने में कम से कम 4 से 5 दिन लगेंगे। इस दौरान क्षेत्रीय लोगों को पेयजल के लिए दर-दर भटकना होगा

गंगाजल के प्रेशर के कारण आए दिन जर्जर हो चुकी पेयजल पाइप लाइन फट रही हैं, यह सभी अधिकारियों के संज्ञान में है लेकिन इसके बावजूद शहर की पेयजल वितरण प्रणाली को दुरुस्त करने के लिए कोई ठोस कार्ययोजना तक तैयार नहीं की गई है जिसका खामियाजा आए दिन शहर के वाशिंदों को उठाना पड़ता है।

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