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‘संभव’ से कुपोषण होगा दूर, एक जुलाई से चलेगा अभियान

by admin
Malnutrition will be removed from 'Sambhav', the campaign will run from July 1

आगरा। ‘संभव’ से कुपोषण होगा दूर। एक जुलाई से 30 सितंबर तक चलाया जाएगा अभियान। कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए होंगी विभिन्न गतिविधियां।

बच्चों को कुपोषण से दूर करने के लिए जनपद में एक जुलाई से 30 सितंबर तक ‘संभव’ अभियान चलाया जाएगा। तीन माह तक बच्चों को कुपोषण मुक्त करने के लिए विभिन्न गतिविधियां संचालित होंगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी साहब यादव ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्रों पर 25 से 30 जून तक वजन सप्ताह का आयोजन हो रहा है। इसमें लो बर्थ (जन्म के समय कम वजन ) वाले बच्चों को चिन्हित करके आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पोषण ट्रैकर एप पर डाटा फीड कर रही हैं।

चिन्हित बच्चों को सुपोषित करने के लिए आगामी तीन माह ( जुलाई, अगस्त तथा सितंबर) तक संभव अभियान चलेगा। इस दौरान विविध गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। जुलाई में पोषण उत्सव, अगस्त में पोषण चौपाल तथा सितंबर में पोषण पंचायत आयोजित कर बच्चों को सुपोषित करने की पहल होगी।

सीडीपीओ राय ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए जिला स्तरीय और तहसील स्तरीय कंवर्जेंस बैठकों का आयोजन किया जा चुका है। इसके साथ ही अभियान के अंतर्गत ब्लॉक कंवर्जेंस प्लान बनाए जाने और प्रत्येक माह कनवर्जेंस प्लान के क्रियान्वयन के अनुश्रवण के लए ब्लॉक कंवर्जेंस कमेटी का गठन भी किया जा चुका है।

सीडीपीओ ने बताया कि पोषण उत्सव में आंगनबाड़ी ग्राम प्रधान के साथ मिलकर गांव के सभी जन्म के समय कम वजन वाले, सैम, मैम (गंभीर कुपोषित और कुपोषित) और अल्प वजन के कुपोषित बच्चों के परिवार (पिता) के साथ पोषण एवं स्वास्थ्य के मुद्दे पर चर्चा करेंगी। जुलाई माह के थीम स्तनपान पर भी फोकस किया जाएगा। धात्री महिलाओं को कम से कम छह माह तक सिर्फ और सिर्फ स्तनपान कराने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अगस्त माह में मनाए जाने वाले पोषण चौपाल में कुपोषित बच्चों के माता-पिता को बुलाकर पोषण वाटिका, पशुपालन, राशन कार्ड, जॉब कार्ड तथा शौचालय के बारे में जानकारी दी जाएगी। अगस्त माह की थीम ऊपरी आहार के बारे में बताया जाएगा।

सितम्बर माह में आयोजित होने वाले पोषण पंचायत में ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता समिति के सदस्यों, समुदाय के चयनित लोगों को आमंत्रित कर उन्हें पोषण, देखभाल, साफ-सफाई संबंधी व्यवहार तथा कुपोषण के कारणों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में आशा, एएनएम, शिक्षकों को भी शामिल किया जाएगा।

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