आगरा। डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमे के लिए जांच के आदेश दिए गए हैं। यूनिवर्सिटी के एक कर्मचारी ने कोर्ट में पत्र दाखिल किया था। जिस पर संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने एएसपी हरीपर्वत को जांच के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही 1 महीने के अंदर कोर्ट में आख्या प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार डॉक्टर भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय में तैनात रहे कर्मचारी वीरेश कुमार ने पूर्व कुलपति प्रो. अशोक मित्तल सहित नौ लोगों के खिलाफ कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। कर्मचारी का आरोप था कि बिना जांच किए उसकी सेवा समाप्त कर दी गई। कर्मचारी ने यह भी आरोप लगाया है कि एक प्रोफेसर ने नौकरी दोबारा लगवाने के नाम पर 10 लाख रुपए की मांग की थी। कोर्ट ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए एएसपी हरीपर्वत सत्यनारायण सिंह को प्रारंभिक जांच के निर्देश दिए हैं।
विवि के इतिहास विभाग में तैनात कर्मचारी वीरेश कुमार का कहना है कि वह इतिहास विभाग में 23 वर्षों से कार्यरत था। विभाग में 2015-2016 की अंकतालिका में गलतियां ठीक की जाती थीं। आरोप है कि विभाग में तैनात एक प्रोफेसर ने साजिश के तहत अंकतालिकाएं जला दीं और उस पर आरोप लगा दिया।