प्रवर्तन निदेशालय ( Enforcement Directorate)ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में स्वतंत्र पत्रकार राजीव शर्मा ( freelance journalist Rajiv Sharma) को गिरफ्तार ( arrested) किया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक चीनी खूफिया अधिकारियों को गोपनीय जानकारी देने के आरोप में पत्रकार राजीव शर्मा को अरेस्ट किया गया है। ईडी से पहले दिल्ली पुलिस ने आरोपी को 14 सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था। बाद में जमानत के आधार पर रिहा कर दिया गया था।
मिली जानकारी के मुताबिक आरोपी के पास से रक्षा मंत्रालय के दस्तावेज बरामद हुए थे। वहीं पत्रकार से बातचीत के बाद एक चीनी महिला और नेपाली सहयोगी को गिरफ्तार किया गया था।बहरहाल आरोपी को एक विशेष अदालत के समक्ष जहां उसे 7 दिनों की हिरासत में भेज दिया गया है। बता दें ईडी की जांच दिल्ली पुलिस द्वारा राजीव शर्मा के खिलाफ आईपीसी के विभिन्न प्रावधानों और आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी पर आधारित है।
पूर्व में दिल्ली पुलिस ने दावा किया था कि रक्षा संबंधी गोपनीय सूचनाएं चीनी खुफिया एजेंसी को देकर पत्रकार राजीव शर्मा ने डेढ़ साल में 40 लाख रुपये कमाए थे।साथ ही यह भी कहा था कि राजीव शर्मा को प्रत्येक सूचना के बदले 1000 डॉलर मिलते थे। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव ने बताया था कि राजीव शर्मा चीनी अखबार ‘ग्लोबल टाइम्स’ में रक्षा मामलों पर लेख लिखते थे और वर्ष 2016 में चीनी एजेंट के संपर्क में आए थे।
ईडी ने आरोप लगाया है कि नकदी के अलावा भारत में विभिन्न चीनी कंपनियों और कुछ अन्य व्यापारिक कंपनियों के साथ भारी लेनदेन किया गया है, जिसकी फिलहाल जांच की जा रही है।वहीं एजेंसी ने कहा, ये चीनी कंपनियां चीनी खुफिया एजेंसियों के लिए आपराधिक गतिविधियों में लिप्त राजीव शर्मा जैसे व्यक्तियों के लिए पारिश्रमिक प्रदान करके सुरक्षा संबंधी डाटा हासिल करने का काम कर रहीं हैं।