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आगरा खोलने की तैयारियों को लेकर प्रशासन ने जनप्रतिनिधियों के साथ की बैठक

by admin

आगरा। 30 मई को लॉकडाउन 4 की समय सीमा खत्म होने के बाद गृह मंत्रालय द्वारा पूरे देश में लॉक डाउन 5 की घोषणा की गई है जो 30 जून तक लागू किया गया है। इस लॉकडाउन में 1 जून से जहां पूरे देश में बिना पास से आने जाने की छूट मिल गई है तो वहीं अनलॉक 1 के अंतर्गत तीन चरणों में धीरे धीरे पूरे देश में कंटेनमेंट जॉन को छोड़कर बाकी सभी जगह कई रियायत व शर्तों के साथ कारोबार व जन सुविधाएं शुरू की जाएगी। आगरा प्रशासन भी शहर को खोलने की तैयारी कर रहा है। सभी बाजार कारोबार, परिवहन, धार्मिक स्थल और अन्य जन सुविधाओं को कोरोना के दृष्टिगत किस तरह से खोलना है इसके लिए प्रतिदिन अलग-अलग वर्ग विशेष के लोगों के साथ आगरा के प्रशासनिक अधिकारी बैठक कर रहे हैं। आज रविवार को आगरा जिले के समस्त जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की और आगरा जिले को खोले जाने को लेकर सुझाव मांगे गए।

बैठक में जिलाधिकारी पीएन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार से गाइडलाइन मिलने के बाद आगरा को खोले जाने की तैयारियों को लेकर पहले अपनी तैयारियों की रिपोर्ट रखी, फिर उस पर सुझाव मांगे। शहर में बड़े बड़े व्यापारिक उद्योग व कारखाने खोले जाने पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए डीएम ने फेस मास्क, सैनिटाइजेशन और सोशल डिस्टेंसिंग की गाइडलाइन रखी। इस पर अपना सुझाव देते हुए भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन ने कहा कि बड़े उद्योग और कारखाना में थर्मल स्क्रीनिंग मशीन भी रखी जानी चाहिए ताकि उस में काम करने वाले कर्मचारियों का सुबह और शाम बॉडी टेंपरेचर नापा जाए।

ग्रामीण इलाकों से दूध लेकर आने वाले दूधिये और सब्जी विक्रेताओं के संबंध में सुझाव मांगे गए। जिस पर विधायक योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि जैसी व्यवस्था वर्तमान में चल रही है वैसी ही चलने दें क्योंकि अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है जबकि सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि अब दूधिया और सब्जी विक्रेताओं से होने वाले कोरोना की चेन टूट चुकी है। इसलिए बिना किसी भेदभाव के जो सुविधा शहर में शुरू होगी वह सुविधा ग्रामीण क्षेत्रों में भी दी जाए। सांसद राजकुमार चाहर ने कहा कि शुक्रवार को आए भारी तूफान और आंधी से किसानों और ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को काफी नुकसान हुआ है। इस नुकसान की भरपाई करने के लिए रियायत देना बहुत जरूरी है।

इसके अलावा बैठक में धार्मिक स्थल, शादी समारोह, सैलून, परिवहन और बाजार खोले जाने के विषय पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इन सभी मुद्दों पर डीएम आगरा ने अपनी तैयारियों की रिपोर्ट रखी जिनमें कुछ मुद्दों पर जनप्रतिनिधि संतुष्ट नजर आए तो धार्मिक स्थल, सैलून और पटरी व फड़ बाजार के बारे में कोरोना से सुरक्षा के दृष्टिगत कई सुझाव रखे गए।

बैठक में सभी जनप्रतिनिधियों ने अपनी यह बात रखने की कोशिश की कि पिछले 45 दिनों से शहरवासियों ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जो तपस्या की है वह शहर खोले जाने के बाद निरर्थक ना हो जाए, इसका ख्याल रखा जाए। वहीं सभी वर्ग का ख्याल रखते हुए आवश्यक रियायत व सुविधाएं दी जाएं। प्रशासन गाइडलाइन और नियम का हवाला देते हुए किसी के साथ ज्यादती या शोषण ना करें क्योंकि लॉकडाउन होने के चलते पहले से ही सभी वर्ग परेशान हैं।

बैठक में राज्यमंत्री डॉ जीएस धर्मेश, सांसद एसपी सिंह बघेल, सांसद राजकुमार चाहर, मेयर नवीन जैन, विधायक योगेंद्र उपाध्याय, विधायक रामप्रताप चौहान, विधायक महेश गोयल, विधायक रानी पक्षालिका, विधायक पुरुषोत्तम खंडेलवाल, विधायक हेमलता दिवाकर, भाजपा जिला अध्यक्ष गिर्राज सिंह कुशवाह, महानगर अध्यक्ष भानु महाजन, डीएम पी एन सिंह, एसएसपी बबलू कुमार आदि मौजूद रहे।

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