आप नेता संजय सिंह ने योगी सरकार पर लगाये कोरोना किट ख़रीद में महाघोटाला करने का आरोप

फ़िरोज़ाबाद। आगामी दिनों में होने वाले टूंडला विधानसभा उपचुनाव के मद्देनज़र आम आदमी पार्टी को मजबूत करने व संगठनात्मक तैयारी के लिए फ़िरोज़ाबाद पहुंचे राज्यसभा सांसद व ‘आप’ पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय सिंह ने प्रेस वार्ता के दौरान योगी सरकार पर कोरोना किट का घोटाले करने के आरोप लगाए। उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष सभाजीत भी मौजूद रहे।

आप नेता संजय सिंह ने कहा कि कोरोना के आपदा में अवसर तलाशने वाली योगी सरकार ने कोरोना किट की खरीद के नाम पर ग्राम पंचायत से लेकर मेडिकल सप्लाई कॉरपोरेशन तक 1-2 नहीं बल्कि 400-500 फीसदी घोटाला किया है। सुल्तानपुर जनपद से योगी सरकार के इस भ्रष्टाचार और घोटाले की कड़ियां खुलनी शुरू हुई थी और आम आदमी पार्टी इन घोटालों पर लगातार नए-नए खुलासे कर रही है। इस भ्रष्टाचार और घोटाले का दायरा 65 जिलों से ज्यादा अर्थात पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। कोरोना काल में हुए इस भ्रष्टाचार में ग्राम पंचायत से लेकर मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन में बैठे योगी के खास अधिकारी शामिल हैं।

संजय सिंह ने बताया कि खुद को राष्ट्रवादी कहने वाली योगी सरकार ने 1 लाख 45 हज़ार रूपए में मिलने वाला हेमोटोलॉज़ी एनालाइजर  3 लाख 30 हज़ार रुपये में खरीदा है, वह भी अपने दुश्मन देश चीन से जिससे आज युद्ध की स्थिति बनी हुई है और सीमा विवाद चल रहा है। योगी सरकार ने ऐसे एनालाइजर हज़ारों-लाखों की संख्या में खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि कोविड से जुड़े उपकरणों को बाजार की कीमत से ज्यादा पर खरीदने का मामला सबसे पहले यूपी के सुल्तानपुर से आया था। सुल्तानपुर में जिलाधिकारी ने 2600 रुपये की कोरोना किट 9950 रुपये में खरीदी। जबकि आज के दौर में योगी आदित्यनाथ जी अगर किसी 8वीं क्लास के बच्चे को भी बैठा देते तो वो भी बता देता कि ऑनलाइन खरीदने पर ऑक्सीमीटर की कीमत 800 रुपये, थर्मोमीटर की कीमत 1800 रुपये है, जो मिला कर हो गया 2600 रुपये। फिर सुल्तानपुर के डीएम ने 9950 रुपये में कोविड किट क्यों खरीदी। आखिर इतना बड़ा भ्रष्टाचार किसके इशारे पर हुआ है और किन किन अधिकारियों ने दलाली खाई है?

इतना ही नहीं सुल्तानपुर के भधेइया ब्लॉक के सहायक विकास अधिकारी ने 35 ग्राम पंचायतों ने लिए यही समान खरीदा और इसका भुगतान 3 लाख 28 हज़ार 350 रुपये मंत्रम प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर किया गया जिसमें ऑक्सिमिटर की कीमत 2321 रुपये और GST लगा कर 2800 रुपये, थरमोमिटर की 5847 रुपये और GST के साथ 6900 रुपये और सेनेटाइजर कीमत 400 रुपये बताई गई है। जबकि बाजार से 1600 रुपया का थेरमोमिटर और 320 रुपये पल्स ऑक्सिमिटर बिल के साथ खरीदा जा सकता है और आम आदमी पार्टी ने ख़रीदा भी है।

संजय सिंह ने कहा कि जब आम आदमी पार्टी ने इस घोटाले का पर्दाफाश किया तब योगी जी ने 3 IAS अधिकारियों को लेकर एक SIT गठित की है जो 10 दिन में अपनी रिपोर्ट पेश करेगी। क्या ये 3 IAS अधिकारी स्पाइडर-मैन  हैं। क्योंकि 3 IAS अधिकारी, 1  लाख 10 हज़ार गाँव, 59 हज़ार पंचायत, 12 हज़ार वार्ड वाले विशाल प्रदेश में हुए घोटाले की जाँच भला 10 दिन में कैसे कर पाएंगे। इसका साफ़-साफ मतलब है यह SIT केवल जनता के आँखों में धूल झोंकने के लिए बनाई गई है।

आम आदमी पार्टी का साफ मानना है कि इस महा घोटाले की जांच सीबीआई से कराई जाए अथवा फिर हाई कोर्ट के सिटिंग जज की अध्यक्षता में एसआईटी बनाकर पूरे मामले की जांच हो। इससे कम आम आदमी पार्टी को कुछ भी मंजूर नहीं है।

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