पेड़ से निकले गणेश जी, विदेशी पर्यटक का सपना हुआ सच !

आगरा। थाना सिकन्दरा क्षेत्र स्थित अकबर टॉम्ब(सिकन्दरा) स्मारक में आज पेड़ में गणेश जी की प्रतिमा निकलने की अफवाह फैला गयी और क्षेत्रीय लोगों ने वहां पूजा अर्चना शुरू कर दी। अफवाह उड़ाने वाला पर्यटक तो वहां से पूजा-पाठ कर चला गया पर लोगों की भीड़ को रोकने में पुरातत्व विभाग की हालत बुरी हो गयी और इसके बाद भी कई आने वाले लोगों को वहां पूजा करने पुरातत्व विभाग से रोक नही पाया।

इंदौर से आगरा घूमने आये एक पर्यटक रामचन्द्र ने आज सुबह सिकन्दरा स्मारक आकर एक पेड़ पर पूजा अर्चना शुरू की। पूछने पर उसने अन्य लोगों को बताया कि रात उसे यहाँ गणपति के होने का सपना आया था।

पर्यटक के अनुसार सुबह यहां आने पर उसी जगह भगवान गणेश की वैसी आकृति उसे दिखाई दी है। कुछ ही देर में वहां पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ लग गयी। लोग पेड़ के तने में बनी भगवान गणेश की आकृति को देखकर पूजा पाठ करने लगे।

मौके पर आए पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने पहले लोगो को पूजा पाठ करने से रोकने की कोशिश की। बाद में बढ़ती भीड़ और आस्था का मामला देख कर्मचारी पीछे हट गए।

सिकन्दरा स्मारक में लगे इस पेड़ में भगवान गणेश की प्रतिमा उकेरने की बात जंगल मे आग की तरह फैल गयी है। आस पास के गांवों और शहर के तमाम क्षेत्रो से लोग यहां पूजा करने आने लगे। स्मारक आये पर्यटक भी पूजा पाठ में शामिल होने लगे।

रामकृष्ण मिशन मथुरा से आये पंडित मनोहर का कहना है कि वो घूमने आए हैं और यहां पेड़ से कुछ सूंड जैसा निकला है।यह अपनी अपनी आस्था है कि लोग उसे क्या माने। वहीं दिल्ली से परिवार सहित घूमने आए मिस चैटर्जी का कहना है कि ऐसा उनके सामने पहली बार हुआ है।

इस बारे में मनोविज्ञानी आनन्द कुमार का कहना है कि यह आपकी सोच पर डिपेंड है। ठीक उसी तरह जैसे बादलों में लोग अलग आलग आकृतियां देखते हैं। कई बार ऐसा होता है कि पेड़ पत्तियों और फलो कि आकृति हल्का सा भगवान से मिलने पर या अविकसित बच्चे पैदा होने पर लोग इस तरह अंधविश्वास में पूजा पाठ करने लगते हैं। इसका सत्य से कोई सरोकार नही है। बस इसे आप मन का भ्रम कह सकते हैं।

फिलहाल इस प्रकरण से पुरातत्व विभाग की हालत खराब है। अकबर की कब्र यहां स्मारक में है। इसके अलावा पास ही मस्जिद और अन्य चीजें भी हैं। जिस जगह पेड़ मिला है, वहां तक जाने के लिए कोई टिकट नही है। इसलिए पुरातत्व विभाग की परेशानी बढ़ना लाजमी है कि कहीं क्षेत्रीय लोग आस्था की आड़ में कोई विवाद पैदा न कर दें।

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