चाइल्ड लाइन संस्था के प्रयास से पुलिस आई हरकत में, नाबालिग की रुकी शादी। परिवार फरार

बाल विवाह एक सामाजिक बुराई है और इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सरकार के साथ साथ समाज सेवी संगठन लगातार प्रयास कर रहे हैं। सरकार ने तो बाल विवाह को रोकने के लिए कठोर कानून बना दिया है। जिसके तहत बाल विवाह कराने वाले परिवार को सख्त से सख्त सजा मिलती है तो वही समाज सेवी संगठन और ngo मिलकर लोगो को बाल विवाह रोकने और इससे होने वाली परेशानियो के प्रति जागरूक बना रहे है। इसके बावजूद भी कुछ लालची लोग अपने स्वार्थ के लिए बाल विवाह को अंजाम दे रहे हैं। ऐसा ही कुछ मामला आगरा के पिढ़ोरा थाना क्षेत्र के रिठई गांव का है जहां पर एक परिवार अपने 15 वर्षीय नाबालिग पुत्र की जबरजस्ती शादी कर रहा था।

यह मामला जैसे ही व्हाट्सअप पर मीडिया ग्रुप में सुर्खियां बना उतनी ही तेजी के साथ चाइल्ड लाइन संस्था ने इस शादी को रुकवाने के लिए प्रयास किये। चाइल्ड लाइन संस्था के पदाधिकारी इस मामले को लेकर एसपी प्रोटोकॉल से मुलाकात की और इस पूरे मामले को उनके सामने रखा। SP प्रोटोकॉल ने मामले को गंभीरता से लिया और तुरंत कार्यवाही के निर्देश पिढ़ोरा के थानाध्यक्ष को किये। एसपी प्रोटोकॉल से निर्देश होते ही चाइल्ड लाइन संस्था के पदाधिकारी पिढोरा थाने पहुचे और पुलिस कर्मियो के साथ आरोपी परिवार के घर गए लेकिन जब तक आरोपी पिता रामेश्वर अपने परिवार के साथ फरार हो गया। वही इस घटना के बाद से लड़की का पिता भी अपने परिवार के साथ फरार हो गया है।

चाइल्ड लाइन संस्था के पदाधिकारियो ने बताया कि रामेश्वर
ने विवाह के कार्ड भी बाट दिए थे और 11 दिसंबर को बरात फतेहाबाद के विलईया गांव जानी थी लेकिन ग्रामीणों और पुलिस के सहयोग से संस्था ने इस कार्यवाही को अंजाम दिलाकर नाबालिग के पिता की मुश्किलें जरूर बढ़ गयी है।

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