बजट में नहीं मिली दो जून की रोटी कमाने वालों को तरहीज – तुलाराम

आगरा। वित्त मंत्री अरुण जेटली की ओर से जो आम बजट आज पेश किया गया उसको लेकर उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन और राष्ट्रीय ग्रामीण मजदूर महासंघ के पदाधिकारियों ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उनका कहना था कि वित्त मंत्री का यह बजट मजदूर विरोधी है क्योंकि इस बजट में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का बिल्कुल भी ध्यान रखा नहीं गया है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इस बजट से उस वर्ग को दूर रखा है जो दिनभर भवन निर्माण या फिर ईट भट्टों में काम करता है जबकि पूरे देश में असंगठित मजदूरों की संख्या लगभग 40 से 55 करोड़ की तादात में है। ऐसे वर्ग को सुरक्षा स्वास्थ्य और जीवन की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश मोदी सरकार के वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नहीं की है।

तुलाराम शर्मा का कहना है कि देश का दुर्भाग्य देखिए कि देश निर्माण और सरकार बनाने में जिस वर्ग का अहम योगदान है आज उस वर्ग की उपेक्षा करके उसे बुनियादी सुविधाओं से दूर किया जा रहा है जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को एक बार फिर अपने बजट पर विचार करना चाहिए और असंगठित मजदूरों को स्वास्थ्य सुरक्षा और अन्य सुविधाओं को देने के लिए कुछ ठोस योजनाओं को इस बजट में शामिल करना चाहिए तभी यह देश आगे बढ़ पाएगा और मजदूर वर्ग भी आम व्यक्ति की मुख्यधारा से जुड़ पाएगा।

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