ताजनगरी पर छाया ये गंभीर संकट, बंद हो सकती हैं व्यवसायिक गतिविधियाँ

आगरा। पिछले दिनों तटीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले उद्योग लेकर केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय और सुप्रीम कोर्ट की ओर से आई नई गाइडलाइन को लेकर आगरा शहर में पर्यटन और चिकित्सा से जुड़े व्यवसाय पर संकट छा गया है। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की नई गाइडलाइन को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री महेंद्र अरिदमन सिंह ने उत्तर प्रदेश सरकार के साथ-साथ केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को एक पत्र लिखा है।

इस पत्र में पूर्व मंत्री राजा अरिदमन सिंह ने आगरा शहर के व्यापारियों और व्यवसाइयों की वेदना का जिक्र किया है उनका कहना है कि TTZ क्षेत्र केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय का सुप्रीम कोर्ट ने जो नई गाइडलाइन दी है उसका सीधा असर आगरा के तमाम सैकड़ों होटल और अस्पताल और कोल्ड स्टोरेज पर पड़ेगा। नई गाइडलाइन से अब इन उद्योगों पर तलवार लटकने लगी है।

क्योंकि नई गाइडलाइन के मुताबिक़ TTZ क्षेत्र ताजनगरी को व्हाइट कैटेगरी में रखा है। जबकि हॉस्पिटल, होटल, कोल्ड स्टोरेज, फाउंड्री के तमाम मुद्दों को ऑरेंज कैटेगरी में रखा गया है। इस नई गाइडलाइन के बाद उद्योगों को प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जल एवं वायु संबंधित अनुमतियां लेनी पड़ेगी। बिना एनओसी जारी किए उद्योगों का नवीनीकरण या पंजीकरण संभव नहीं है। इन नई गाइडलाइन के चलते तमाम होटल बंद हो जाएंगे जबकि आगरा में 3 विश्व धरोहर हैं और भारी संख्या में पर्यटक आगरा घूमने के लिए आता है। ऐसे में पर्यटक कहां रुकेगा और जो व्यक्ति इन व्यवसाय से जुड़े हुए हैं वह पूरी तरह से बेरोजगार हो जाएंगे।

बेरोजगारी का आंकड़ा एक बार फिर बढ़ता हुआ नजर आएगा। आगरा एक मेडिकल हब भी है। भारी संख्या में देश-विदेश से लोग यहां पर इलाज कराने के लिए आते हैं। व्हाइट केटेगरी में आने से इन हॉस्पिटलों को भी काफी दिक्कतें होगी। रजिस्ट्रेशन के नवीनीकरण ना होने से यह हॉस्पिटल भी बंद हो जाएंगे और TTZ के कारण पहले से ही आगरा में उद्योग की स्थिति खराब है। पूर्व मंत्री महेंद्र अरिदमन सिंह ने भारत सरकार और केंद्र सरकार से इस समस्या के समाधान की मांग उठाई है जिससे आगरा के लोग बेरोजगारी से ना घिर जाएं।

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