ये बड़ा चेहरा हुआ कांग्रेस में शामिल, माया पर बोला हमला

बसपा सुप्रीमो का कभी दाहिना हाथ कहे जाने वाले और बसपा पार्टी का सबसे बड़ा मुस्लिम चेहरा नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने आखिरकार पंजे का दामन थाम ही लिया। गुरुवार को नसीमुद्दीन सिद्दीकी अपने बेटे अफजल सिद्दीकी (विधान परिषद सदस्य) और सैकड़ों समर्थकों के साथ दिल्ली कांग्रेस पार्टी कार्यालय पहुंचे जहां पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर और प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई।

सभी कांग्रेसियों ने बसपा के इन कद्दावर नेताओं का पार्टी में स्वागत भी किया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी और उनके समर्थकों को पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराने के दौरान गुलाम नबी आजाद का कहना था कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी के आने से कांग्रेस पार्टी मजबूत होगी और पार्टी से काफी समय से दूर दलित-मुस्लिम गठजोड़ भी पार्टी के समर्थन में होगा। इसके परिणाम 2019 के लोकसभा चुनाव में साफ तौर से देखने को मिलेंगे।

आपको बताते चलें कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी बसपा सरकार में कहीं अहम पदों पर रह चुके हैं और हाल ही के चुनाव में उनके बेटे अफजल सिद्दीकी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का स्टार प्रचारक भी बनाया गया था लेकिन बसपा ने उन्हें पार्टी से निकाल कर उनका अपमान किया था। नसीमुद्दीन सिद्दीकी मुस्लिम राजनीति करते हैं और उनके लिए पहला विकल्प समाजवादी पार्टी था लेकिन सपा में बात न बन पाने के कारण कांग्रेस का रुख किया और कांग्रेस ने उन्हें हाथों-हाथ ले लिया।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने भी अपनी बात को सामने रखा। उनका कहना था कि बसपा में कार्यकर्ता को अहमियत नहीं दी जाती बल्कि बसपा सुप्रीमो सिर्फ पैसे को महत्व देती हैं। उनके लिए सब कुछ पैसा ही है। बसपा सुप्रीमो इस समय काशीराम के मिशन को आगे नहीं बढ़ा रही बल्कि उनके मिशन को खत्म करने में जुटी हुई है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मुस्लिम और दलित समाज को कांग्रेस से जोड़ने की कवायदें की जाएंगी और कांग्रेस से जो जिम्मेदारी मिलेगी उसे बखूबी निभाया जाएगा।

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