Agra. बीहड़ में बैठकर लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बना रहे अंतर्राज्यीय साइबर ठग गिरोह का आगरा पुलिस और साइबर सेल ने खुलासा किया है। पिनाहट पुलिस और साइबर सेल की टीम ने संयुक्त छापामार कार्यवाही को अंजाम देकर सरगना सहित 7 अंतर्राज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। मौके से लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी सिम, एटीएम और नगदी भी बरामद की है। पुलिस ने सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया है। इस पूरे मामले का खुलासा एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी पूर्वी अशोक वेंकट ने किया।
आपको बताते चलें कि पुलिस को काफी समय से सूचना मिल रही थी कि ऑनलाइन ठगी करने वाला गिरोह बीहड़ के क्षेत्र में सक्रिय होकर उत्तर प्रदेश के साथ-साथ अन्य राज्य के लोगों को जॉब, पर्सनल लोन, सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने, इंटरनेट के बिल में छूट दिलाने व अन्य कार्यों के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी कर रहा है। इस सूचना पर एसएसपी आगरा ने पुलिस अधीक्षक पूर्वी और पुलिस अधीक्षक अपराध को अपराधियों की धरपकड़ के दिशा निर्देश दिए थे। इसके बाद क्षेत्रीय थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम मिलकर इन साइबर ठगों को गिरफ्तार करने में जुट गई थी।
हेलो सोशल साइट्स दैनिक समाचार पत्रों, जस्ट डायल, फेसबुक, ओएलएक्स, लोकेंटो, गूगल आदि अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर पूरे भारतवर्ष में पैड एडवर्टाइजमेंट कराकर लोगों को नौकरी लगवाने का व अन्य योजनाओं का लालच देकर उनको ₹399 से लेकर ₹3500 का पैकेज बताकर ऑनलाइन पेटीएम, गूगल पे, फोन पे, भारत पे, क्यूआर कोड स्कैन आदि तरीकों से रुपए जमा कराते थे।
गिरफ्तार हुए अभियुक्त-
1- कीर्ति राम उर्फ गिरजा शंकर निवासी पिनाहट
2- पवन पुत्र कमल सिंह निवासी राजाखेड़ा पिनाहट
3- बंटू पुत्र रामनरेश ग्राम रीठई थाना पिढोरा,
4- रामवीर पुत्र मलखान मूलनिवासी थाना जैतपुर
5- केशव पुत्र विशन सिंह ग्राम रीठई,
6- प्रेमवीर पुत्र रामनरेश ग्राम रीठई,
7- रनसिंह पुत्र जयपाल सिंह भजनपुरा,
फरार अभियुक्त-
रामकरन निवासी ग्राम उमरेठा बासौनी
बरामदगी-
एक लैपटॉप, 38 मोबाइल, 35 फर्जी सिम कार्ड, चार एटीएम, एक कार, और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई है।
एसपी पूर्वी अशोक वेंकट के मुताबिक पकड़े गए साइबर अपराधियों में कुल 2 गैंग कार्य करते हैं जिसमें एक गैंग कीर्ति राम और गिरजा शंकर और दूसरा बंटू पुत्र रामनरेश चलाता है। बाकी 5 लोग इस गैंग के सदस्य हैं। गैंग के सदस्य भारतवर्ष के विभिन्न राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब आदि) के लोगों को जॉब (मैनेजर, सुपरवाइजर, सिक्योरिटी गार्ड, लाइनमैन पद, स्पा सर्विसेज, वर्क फ्रॉम होम, पार्ट टाइम जॉब, दिलाने आदि) का लाल देकर लोगों से ठगी करते थे। इसके लिए रेंट पर बैंक खाता लेते हैं। गैंग के सदस्य कॉल करने के लिए फर्जी सिम कार्ड का इस्तेमाल करते हैं जो कि गुजरात महाराष्ट्र आदि जगहों के नाम पत्तों पर होती है। यह गैंग ₹399 से लेकर ₹3500 का पैकेज लोगों को ऑफर करते हैं उनसे रजिस्ट्रेशन आदि के नाम पर धीरे-धीरे रुपए ठग लेते हैं। अभी तक इस तरह से यह गैंग लाखों रुपए की धोखाधड़ी कर चुका है।