योग गुरु बाबा रामदेव के खिलाफ (FORDA) ने धरना प्रदर्शन करने का फैसला ले लिया है। दरअसल बाबा रामदेव ने एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति पर सवाल खड़ा किए हैं। जिसके चलते एलोपैथिक चिकित्सा से जुड़े डॉक्टर्स काफी आक्रोशित है। इसका कारण यह है कि बाबा रामदेव ने कोरोना योद्धाओं के लिए कथित तौर पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करके उन्हें आहत किया है। वहीं फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने एक जून को सांकेतिक रूप से धरना-प्रदर्शन करने का निर्णय ले लिया है।
दरअसल बीते कई दिनों से लगातार आयुर्वेदिक और एलोपैथी के बीच जंग छिड़ी हुई है। कभी बाबा रामदेव आईएमए के डॉक्टर्स पर आरोप लगाते नजर आते हैं तो कभी योग गुरु बाबा रामदेव एलोपैथी पर निशाना साधते देखे जाते हैं। वहीं आइएमए भी लगातार आयुर्वेद को लेकर निशाना साध रही है। लेकिन अब बाबा रामदेव की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं।हाल ही में FORDA से जुड़े डॉ मनीष ने कहा कि बाबा रामदेव ने मॉडर्न मेडिसिन पर अपमानजनक टिप्पणी कर लोगों में वैक्सीन के प्रति भ्रम फैलाकर राष्ट्रद्रोह का काम किया है। इसलिए डॉ. मनीष ने उनके खिलाफ एपिडेमिक डिजास्टर 1897 के तहत कार्रवाई की मांग की है।वहीं रामकिशन यादव ने कहा कि बाबा रामदेव के स्टेटमेंट पूरी मानवता के खिलाफ हैं।
एलोपैथी पर अपमानजनक टिप्पणी करने को लेकर बाबा रामदेव के खिलाफ फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (FORDA) ने शनिवार को कहा कि वो एलोपैथी पर रामदेव की टिप्पणी के खिलाफ एक जून को देशव्यापी धरना प्रदर्शन करेंगे। हाल ही में बाबा रामदेव का एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें बाबा रामदेव एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति के खिलाफ बोलते नजर आ रहे हैं।रेजिडेंट डॉक्टर्स की संस्था फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनीष का कहना है कि डॉक्टर्स , नर्सेज , मेडिकल स्टाफ, सफाई कर्मचारी, पुलिसकर्मी, मीडिया कर्मी और टीचर्स अपनी जान की परवाह किए बिना कोरोना महामारी के दौर में कोरोना मरीजों की सेवा में निरंतर लगे हुए हैं और अपनी कैपेसिटी से बढ़कर लोगों ने काम भी किया है इतना ही नहीं काफी लोगों ने अपनी जान भी गंवा दी है।

डॉक्टर्स का कहना है कि बाबा रामदेव द्वारा कोरोना वैक्सीन को लेकर जो बयान दिया गया है उससे लोगों में वैक्सीन लगवाने को लेकर डर व्याप्त हो गया है और वैक्सीनेशन अभियान प्रभावित हुआ है। अब डॉक्टर्स का यह कहना है कि इतना कुछ होने के बावजूद भी सरकार द्वारा बाबा रामदेव के खिलाफ कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया इसलिए अब बाबा रामदेव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर FORDA ने एक जून को पूरे देशभर में ब्लैक डे प्रोटेस्ट के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस प्रोटेस्ट का उद्देश्य मरीजों की केयर में किसी तरह की परेशानी पैदा नहीं करना है, बल्कि बाबा रामदेव के खिलाफ डॉक्टर्स की आवाज सरकार तक पहुंचाना है।