मथुरा के चर्चित डॉक्टर अपहरण कांड के चारों आरोपियों की गिरफ्तारी पर आगरा रेंज के आईजी ए सतीश गणेश ने 50- 50 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया है। वहीं मामले की जांच के लिए एएसपी क्राइम के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। अपहरण कांड के आरोपी सनी मलिक पुत्र देवेंद्र मलिक निवासी न्यू सैनिक कॉलोनी थाना कक्कड़खेड़ा (मेरठ), महेश पुत्र रघुनाथ, अनूप पुत्र जगदीश निवासी कोलाहार नौहझील (मथुरा), नीतेश ऊर्फ रीगल पुत्र दयानंद निवासी खजांची बाग हुजूर भोपाल (मध्य प्रदेश) हैं। इनमें सनी मलिक को पुलिस ने पकड़ने के बाद छोड़ दिया था।
मथुरा पुलिस पर इस अपहरण कांड को दबाने और भ्रष्टाचार का आरोप लगा। जब यह मामला मीडिया में उछला तो आईजी ने संज्ञान ले लिया और मथुरा के पुलिस अधिकारियों को तलब कर पूछताछ की। वहीं, मामले में बुधवार को एसएसपी ने हाईवे थाना प्रभारी जगदंबा सिंह को शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज न करने के आरोप में निलंबित कर दिया।
बृहस्पतिवार को आईजी ने चारों आरोपियों पर इनाम घोषित कर जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। आईजी ने कहा कि इस मामले में अगर किसी पुलिसकर्मी की संलिप्तता मिली तो उसके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बताते चलें कि डॉक्टर का अपहरण 10 दिसंबर को हुआ था। बदमाशों ने डॉक्टर को ढाई घंटे बाद छोड़ दिया था। हाईवे थाना क्षेत्र में 52 लाख की फिरौती वसूली गई थी। डॉक्टर ने तीन दिन बाद दोस्त को जानकारी दी। दोस्त ने पुलिस को बताया। इसके बाद पुलिस ने जांच कर एक आरोपी को हिरासत में लिया था। उसने कहा था कि उसे छोड़ दें, वो फिरौती की रकम में से अपने हिस्से के 15 लाख दे देगा। पुलिस ने उससे रकम ले ली। यह डॉक्टर को दिला दी। इसके बाद पूरा मामला रफा-दफा कर दिया गया।