Home राजनीति ढोल नगाड़े बजाकर पहनी सब्जियों की माला, बढ़ती महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

ढोल नगाड़े बजाकर पहनी सब्जियों की माला, बढ़ती महंगाई के खिलाफ महिला कांग्रेस का प्रदर्शन

by admin
Garland of vegetables worn by playing drums, Mahila Congress protest against rising inflation
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Agra. लगातार बढ़ रही महंगाई के विरोध में महिला कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष माया माहौर के नेतृत्व में महंगाई के विरोध में पूरे शहर में जन जागरण अभियान चलाया जा रहा है। शहर के प्रमुख बाजारों मोहल्लों और कॉलोनियों में पहुंचकर लोगों को बढ़ती महंगाई के कारणों और भाजपा की जन विरोधी नीतियों से रूबरू कराया जा रहा है और आम जनमानस को कांग्रेस पार्टी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

ढोल नगाड़ों के साथ किया प्रदर्शन

बुधवार को कांग्रेस महिला शहर अध्यक्ष के नेतृत्व में महिला कार्यकर्ता बिजलीघर चौराहे के समीप पहुंचे। यहां पर उन्होंने ढोल नगाड़े और ढोलक बजाकर महंगाई के विरोध में प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। सभी महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लगातार बढ़ रहे सब्जियों के दामों के विरोध में सब्जियों की माला बनाई, उसे अपने गले में पहने और फिर उसके बाद महंगाई के विरोध में गायन शुरू कर दिया। इसी कारण के माध्यम से महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भाजपा का विरोध किया। इस दौरान उन्होंने सरकार से महंगाई पर काबू न पाने को लेकर इस्तीफा देने की भी मांग की।

सइयां तो बहुत कमात है, महंगाई डायन खाए जात है

चौराहे पर प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस महिला कार्यकर्ताओं ने एक फिल्म का गीत ‘सईयां तो बहुत कमात है महंगाई डायन खाए जात है’ गीत को खूब गाया और गरीब लोगों के दर्द को सरकार को सुनाने का प्रयास किया। इस दौरान शहर कांग्रेस अध्यक्ष माया माहौर का कहना था कि चारों तरफ बेरोजगारी है। लोगों पर काम नहीं है और ऐसे में बढ़ती महंगाई ने इन लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सरकार को इस महंगाई पर लगाम लगाने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए नहीं तो मोदी सरकार के खिलाफ यूं ही प्रदर्शन जारी रहेगा।

सब्जियां-वस्तुओं के दाम छू रहे आसमान

महिला शहर कांग्रेस अध्यक्ष माया माहौर और महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि हरी सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। टमाटर ₹80 किलो, अन्य हरी सब्जियां भी लगभग ₹50 किलो के हिसाब से बिक रही हैं। सरसों का तेल और रसायन लगभग ₹200 किलो पहुंच चुके हैं ऐसे में आम जनमानस और गरीब व्यक्ति की थाली से एक समय का भोजन तो गायब ही हो चुका है। गरीब व्यक्ति समझ नहीं पा रहा कि वह अपनी परिवार का भरण पोषण कैसे करें। अगर सरकार ने जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो यह प्रदर्शनी हुई जारी रहेगा।

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