आगरा। महिलाओं को कभी भी अपना परिचय देने में संकोच नहीं करना चाहिए। अपना आत्मविश्वास और नेतृत्व करने की क्षमता को और बढ़ाना चाहिए। पुरुषों के साथ आधी आबादी चलेगी तो पूरी दुनिया साथ चलेगी। यह विचार उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य डॉ. निर्मला दीक्षित के थे जो श्रमिक महिलाओ में नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित कर रही थी।

शुक्रवार को फतेहाबाद रोड स्थित एक होटल में उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन की ओर से असंगठित क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं में “नेतृत्व प्रशिक्षण” वर्कशॉप का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ.निर्मला दीक्षित ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन करके किया। इस मौके पर विशिष्ट अतिथि के रूप में सहायक श्रम आयुक्त सर्वेश कुमारी मौजूद रही जिन्होंने श्रमिक महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि श्रमिक महिलाओं का शिक्षित होना आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है। अगर श्रमिक महिला शिक्षित होगी तो अपने अधिकार के लिए लड़ सकती है और वो अन्य श्रमिक महिलाओं का कुशल नेतृत्व भी कर सकती है।
सीडब्ल्यूसी मजिस्ट्रेट विनीता कुलश्रेष्ठ ने संबोधित करते हुए कहा कि महिलाएं आज प्रत्येक क्षेत्र में सबसे आगे हैं। यह सफलता उन्हें शिक्षित होने के बाद मिली है। आज महिलाये पुरुषो से पीछे नही है। मजदूरी करते समय वो हेल्पर के रूप में सबसे ज्यादा काम करती है लेकिन मजदूरी कम मिलती है क्योंकि वो अपने काम में कुशल नही है इसलिए आज श्रमिक महिला को कुशल श्रमिक होना जरुरी है।
इस दौरान उत्तर प्रदेश ग्रामीण मजदूर संगठन के अध्यक्ष तुलाराम शर्मा ने कहा कि महिलाओं को अब प्रत्येक पायदान पर सामने आने की आवश्यकता है। जब तक यह अपने अधिकारों के बारे में नही जानेगी तो कुशल नेतृत्व भी नही कर सकेंगी और अपनी आवाज भी नही उठा पाएंगी। इसलिए असंगठित क्षेत्रों में काम कर रही श्रमिक महिलाओ में नेतृत्व की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे है।
इस मौके पर समाजसेवी प्रतिभा जिंदल, चाइल्ड लाइन की कोऑर्डिनेटर रितु इंदौलिया और राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना की फील्ड ऑफिसर सोमा जैन ने महिला को कुशल नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया। बीडब्ल्यूआई की साउथ एशिया की कोऑर्डिनेटर साक्षी अग्रवाल, एमपी फाउंडेशन के श्रीनिवासन, संजय शर्मा, पिंकी जैन, हेमलता गोला, राहुल शर्मा आदि सहित श्रमिक महिलाएं मौजूद रहीं।