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किसान बिल को लेकर कांग्रेसियों की बैठक, विरोध के बावजूद बिल पास होने पर की सरकार की निंदा

by admin

आगरा। संसद में विपक्षी पार्टी के विरोध के बावजूद मोदी सरकार द्वारा किसान बिल को पास करवाए जाने से कांग्रेस पार्टी में रोष व्याप्त है। कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता मोदी सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन करते हुए पास हुए बिल को किसान विरोधी बता रहे हैं। किसान बिल को लेकर पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा के कार्यालय पर एक वरिष्ठ कांग्रेसियों की आवश्यक बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में मोदी सरकार के इस कदम की कड़ी निंदा की गई, साथ ही कांग्रेसियों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने किसानों की किस्मत उद्योगपतियों के हवाले कर दी है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वरिष्ठ कांग्रेसियों ने मोदी सरकार के इस कदम और फैसले के विरोध में उग्र आंदोलन चलाई जाने की भी चेतावनी दी।

दुष्यंत शर्मा का कहना है कि मोदी सरकार ने देश के अन्नदाता किसान की किस्मत पूंजीपतियों के हवाले कर दी है। 2014 में किसानों की आय दोगुनी करने के वायदे के साथ आई मोदी सरकार सत्ता के नशे में आज देश के किसानों को संरक्षण देने व उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर करने की अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रही है।

वरिष्ठ कांग्रेसी यशपाल सिंह राणा ने कहा कि मोदी सरकार वोट लेने के समय स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर किसानों को उनकी फसल की वास्तविक लागत के आधार पर समर्थन मूल्य देने की बात कही लेकिन आज सरकार को किसानों का हित देखने और आर्थिक स्थिति बदलने पर ध्यान नहीं है लेकिन पूंजीपतियों का हित कैसे हो इस पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। इसीलिए तो किसानों का भविष्य अब पूंजीपतियों के हवाले किया जा रहा है।

वरिष्ठ कांग्रेसी प्रताप सिंह बघेल ने कृषि विधेयक की आलोचना करते हुए कहा कि इस विधेयक में जो प्रावधान किए गए हैं वह न केवल किसान विरोधी हैं बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को भी नुकसान पहुंचाने वाले हैं।

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