आगरा। कोरोना को रोकने के लिए भले ही सरकार ने पूरे देश में लॉक डाउन कर दिया हो लेकिन इस लॉक डाउन के चलते ब्लड बैंकों में ब्लड आपूर्ति का संकट गहरा रहा है। रक्तदाता रक्तदान करने के लिए ब्लड बैंक नहीं पहुंच रहे हैं जिसके कारण ब्लड बैंकों में पहले से जमा ब्लड की सप्लाई धीरे-धीरे खत्म हो रही है।
ब्लड बैंकों से ब्लड की सप्लाई निरंतर होना और किसी भी रक्त दाता के ब्लड बैंक में जाकर रक्तदान न किये जाने से चिंता की लकीरे ब्लड बैंक संचालनकर्ताओं के चेहरे पर साफ दिखने लगी है। ब्लड का संकट गहराने से सबसे ज्यादा दिक्कतें थैलेसीमिया कैंसर, डायलिसिस के मरीजों को होने वाली है। क्योंकि इन्हें जीवित रहने के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता होती है।
ब्लड के संकट गहराए जाने से चिंतित लोकहितम ब्लड बैंक के निदेशक अखिलेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना के बढते प्रकोप के चलते पिछले दिनों से कई रक्तदान शिविर न लगने और सुनियोजित रक्तदान शिविर के रद्द होने से ब्लड बैंक में रक्त की कमी होने लगी है। कई ब्लड ग्रुप के ब्लड बैंक में नही है और न ही उनकी पूर्ति हो पा रही है। जिससे स्वास्थ्य सेवाओं में विभिन्न अकल्पनीय बाधाएं उत्पन्न हो रही है। इस समस्या के कारण थैलेसीमिया कैंसर, डायलिसिस व अन्य रोगी जिन्हें नियमित रक्त की आवश्यकता होती है। इस संकट में उन्हें भी रक्त उपलब्ध नहीं हो पायेगा जो उनके लिए दर्दनाक स्थिति बन सकती है।

लोकहितम ब्लड बैंक के निदेशक अखिलेश अग्रवाल ने बताया कि शहर में लगभग 17 ब्लड बैंक है जिसमें तीन सरकारी है लेकिन लॉक डाउन होने से रक्तदान शिविर नहीं लग रहे हैं और ब्लड बैंको से ब्लड खत्म हो रहा है। कई ब्लड ग्रुप के ब्लड भी हम नहीं दे पा रहे है जो चिंता का विषय बन गया है। अगर ऐसा ही रहा तो थैलेसीमिया कैंसर, डायलिसिस व अन्य रोगी जिन्हें नियमित रक्त की आवश्यकता होती है उनके लिए स्थिति विपरीत बन सकती है।
अखिलेश अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के माध्यम से शहरवासियों से इस परिस्थिति से निपटने में सहयोग की अपील की है। उन्होंने अपील करते हुए लोगों से कहा है कि लॉक डाउन में कानून का पालन करते हुए एक एक कर व्यक्ति लोकहितम ब्लड बैंक आये और रक्तदान करे जिससे इस संकट से उभरा जा सके। उन्होंने प्रशासन से भी अपील की है कि जो व्यक्ति रक्तदान के लिए आये उसका सहयोग करे।