आगरा। Incredible bank के नाम से फर्जी बैंक खोलकर लोगों को लकी ड्रॉ, पशुधन स्कीम व सस्ते लोन के ऑफर का लालच देकर आगरा के साथ-साथ उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों में सैकड़ों लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले अन्तर्राजीय गैंग के छह साइबर अपराधियों को साइबर क्राइम सेल ने गिरफ्तार किया है। इन शातिर साइबर अपराधियों से साइबर क्राइम पुलिस ने फर्जी पासबुक, फर्जी AOF फॉर्म एवं फर्जी आईकार्ड, फर्जी बैंक की मोहर और आधा दर्जन से अधिक मोबाइल बरामद किए हैं। सभी साइबर अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा एक प्रेस वार्ता के दौरान एसपी सिटी रोहन पी बोत्रे ने किया।

एसपी सिटी ने बताया कि शाहगंज थाना निवासी हैदर ने एसएसपी बबलू कुमार से शिकायत की थी कि आगरा जिले में सस्ते लोन उपलब्ध कराने व बचत खाते पर ज्यादा ब्याज देने के नाम पर फर्जी बैंक चल रही है जिसका नाम इंक्रेडिबल बैंक है। इस बैंक ने उसके साथ ठगी की है। आसपास के लोगों ने भी इस बैंक में अपनी जमा पूंजी लगा दी है और लोगों को उनका पैसा नहीं मिला है। एसएसपी बबलू कुमार ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए साइबर क्राइम सेल आगरा को इस घटना के खुलासे के दिशा निर्देश दिए थे जिसके बाद से साइबर क्राइम सेल इन अपराधियों की धरपकड़ में जुट गई थी।
साइबर क्राइम सेल ने सभी छह साइबर अपराधियों को थाना शाहगंज, थाना इरादत नगर, हरीपर्वत क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त रघुवीर पुत्र जगन्नाथ निवासी दहतोरा थाना सिकंदरा, नेमीचंद पुत्र बलराम सिंह निवासी खटीक पाड़ा थाना खेरागढ, अफरोज पुत्र हबीब खान उर्फ बबलू खान निवासी बर वाली गली नरीपुरा थाना शाहगंज, लोकेश पुत्र राजा निवासी नगला पदी थाना न्यू आगरा, रतिराम निमेष पुत्र भूप सिंह निवासी धनौली थाना मालपुरा और प्रवीन रावत पुत्र हरि मोहन रावत निवासी रोहता थाना सदर को गिरफ्तार किया है।
एसपी सिटी ने बताया कि फर्जी गैंग को रघुवीर पुत्र जगन्नाथ निवासी संचालित कर रहा था। यह इस कार्य में पिछले 4 सालों से लगा हुआ है। रतिराम इस फर्जी बैंक का ब्रांच मैनेजर इरादत नगर बना हुआ था। पुलिस ने बताया कि इन अपराधियों में तीन नेमीचंद, रघुवीर और अफरोज है। बाकी तीन प्रवीण रतिराम सहयोगी एवं अन्य लोकेश प्रिंटिंग की एक दुकान संजय पैलेस में चलाता है। गैंग के सदस्य आगरा उत्तर प्रदेश के अलावा राजस्थान आदि राज्यों के लोगों को सस्ता लोन दिलाने व 2 से 3 वर्ष में जमा रकम को दुगनी कराने और बेरोजगार युवकों को रोजगार खोलने हेतु लोन देने के नाम पर फर्जी बैंक के खाते खुलवाते थे। इसमें लोगों से 100, 160, 300, 500 और 1000 रुपये प्रति माह जमा करवाते थे।
इस बैंक का हेड ऑफिस पहले खेरागढ़ उसके बाद शास्त्रीपुरम सिकंदरा और अब नरीपुरा में संचालित हो रहा था। इस बैंक की ब्रांच इरादत नगर, फतेहपुर सीकरी में खोली गई थी जिससे अधिक संख्या में लोग अपना धन जमा कर सकें। इस गैंग के सभी सदस्य ग्रामीण क्षेत्र के लोगों और बेरोजगार तबके को अपना टारगेट बनाते थे। इस गैंग ने करीब 400 लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। यह गैंग सबसे सस्ते लोन जैसे पर्सनल लोन, गोल्ड लोन, मोरगेज लोन, पशुधन लोन अन्य विभिन्न लाभप्रद स्कीमों का लाभ देकर लोगों से धोखाधड़ी करते थे। इस गैंग ने पिछले 3 से 4 वर्षों में इंडिया कैटल एग्रो व इंडिया पशुपालन एंड कृषि विकास नाम से फर्म चलाकर 300 लोगों से लगभग ₹40 लाख की धोखाधड़ी की है। इस गैंग ने ₹50-100 रुपये लेकर लकी ड्रॉ योजना खैरागढ़, शाहगंज और फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में चलाई थी जिसमें लोगों से पैसा लेकर एक व्यक्ति का कूपन निकालने के नाम पर ठगी की जाती थी। साइबर क्राइम सेल ने इस फर्जी बैंक के ऑफिस से 95 पास बुक, 8 मोबाइल फोन, 2 नकली बैंक की मोहर, एक पैड 8 मोबाइल मॉनिटर सीपीयू प्रिंटर बरामद किए हैं। सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर जेल भेजा जा रहा है।