आगरा विवि की बड़ी कार्यवाई, हज़ारों शिक्षकों के अनुमोदन निरस्त

आगरा। डॉ भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने गुरुवार को कड़े निर्णय लेते हुए विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी कॉलेजों को दिशा निर्देश जारी कर दिए है जिसके मुताबिक सभी कॉलेजों को 15 फरवरी तक हर हाल में सभी छात्र-छात्राओं के फॉर्म भरवाने होंगे और अस्थाई मान्यता वाले कॉलेजों को नियमानुसार संबद्धता की प्रक्रिया 30 जून तक पूरी करनी होगी अन्यथा उनकी मान्यता रद्द कर दी जायेगी।

आगरा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरविंद दीक्षित इन दोनों विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों में प्रवेश, परीक्षा और परिणाम में सुधार लाने को तेजी से प्रयास कर रहे हैं जिसके तहत कई बार कुलपति द्वारा कड़े फैसले लिए गए हैं। गुरुवार को कुलपति ने अस्थाई कॉलेजों के लिए जो निर्देश जारी किए गए हैं वह लगभग 900 कॉलेजों पर भारी पड़ सकते हैं।

विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में अस्थाई कॉलेजों को निर्देश दिए हैं कि वह 30 जून तक अपने कॉलेज की संबद्धता की प्रक्रिया पूर्ण करा लें अन्यथा की स्थिति में 1 जुलाई से स्थाई मान्यता वाले कॉलेजों में संचालित पाठ्यक्रमों पर संकट आ सकता है। साथ ही इन कॉलेजों पर छात्रों के प्रवेश पर भी रोक लगाई जाएगी।

विश्वविद्यालय है इन सभी अस्थाई कॉलेजों की सूची भी जारी की है जिसमें लगभग 204 कॉलेजों को 2015 से केवल एक वर्ष की मान्यता दी गई थी जो आज बिना मान्यता के संचालित हैं। 309 कॉलेज ऐसे हैं जिसमें निरीक्षण मंडल रिपोर्ट के बाद कमियां पाई गई। 157 B.Ed कॉलेजों की भी अस्थाई विस्तरण है जबकि 46 B.Ed कॉलेज को 10 मार्च तक अपना पैनल जमा कराने के निर्देश दिए हैं। अन्य 280 कॉलेज ऐसे भी हैं जिम में अंडर ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट या टेक्निकल कोर्स संचालित है उन्हें भी इसी श्रेणी में रखा गया है।

इसके अलावा विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों का डाटाबेस जारी करते हुए 10 हजार शिक्षकों में से 8 हजार शिक्षकों का अनुमोदन निरस्त कर दिया है जिसमें संविदा पर कार्य कर रहे शिक्षक भी शामिल हैं। निरस्त किये गए शिक्षकों में ऐसे शिक्षक शामिल हैं जो सिर्फ ५ साल के लिए तैनात किये गए थे और उनका समय समाप्त हो गया। वहीँ आधार कार्ड से शिक्षकों का ब्योरा लिंक किये जाने के बाद विवि के डाटा बेस में ऐसे शिक्षकों की संख्या कम हो गयी जो एक से अधिक कॉलेजों में तैनात थे।

वहीं छात्रों के परीक्षा फार्म भरवाने के संबंध में विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को कहा है कि 15 फरवरी तक सभी छात्रों के फॉर्म जमा कर दिए जाएं जबकि प्राइवेट कॉलेज 10 फरवरी तक ही छात्रों के फॉर्म जमा करवा सकेंगे। इसके बाद अगर कोई छात्र या छात्रा रह जाती है तो इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रशासन की होगी।

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