आगरा। कुलपति सचिवालय के बाहर धरने पर बैठे हुए सभी छात्र एनएसयूआई संगठन से जुड़े हैं और विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अरविंद कुमार दीक्षित पर विश्वविद्यालय का भगवाकरण करने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी कर रहे हैं ।छात्रों का कहना है कि जब से डॉ अरविंद कुमार दीक्षित ने विश्वविद्यालय की कमान संभाली है। विश्वविद्यालय में केवल भाजपाई और एबीवीपी के लोगों को ही तवज्जो दी जा रही है। प्रवेश से लेकर अन्य सभी कार्यों में केवल इन्हीं लोगों के काम हो रहे हैं जबकि अन्य छात्र संगठनों के छात्रों के प्रवेश तक करने में विश्वविद्यालय प्रशासन को आपत्ति हो रही है।
इसके अलावा छात्रों ने विश्वविद्यालय के जुबली हॉल के बाहर लगाई जा रही पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा पर भी आपत्ति जताई है। छात्रों का कहना है कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का शिक्षा के क्षेत्र में कोई योगदान नहीं रहा, लिहाजा उनकी प्रतिमा लगना पूरी तरह से गलत है।
छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति केवल भाजपा संगठन में अपने नंबर बढ़ाने के लिए यह कार्य कर रहे हैं। वहीं उन्होंने आरोप लगाए कि पिछले काफी समय से विश्वविद्यालय के हर कार्य को भगवे रंग में रंगा जा रहा है। चाहे विश्वविद्यालय के अंकतालिकाएं हो या फिर नई लगाई जा रही कुर्सियां सभी भगवे रंग में रंगी नजर आती है जबकि छात्रों के अन्य कार्य नहीं हो रहे हैं। परीक्षा परिणाम सही समय पर नहीं आ रहे हैं तो वहीं अंकतालिकाएं भी सही तरह से नहीं मिल पा रही है।छात्रों ने आरोप लगाया कि कुलपति विश्वविद्यालय के धन का दुरुपयोग करते हुए गलत तरह से इसे खर्च कर रहे हैं।
उधर कुलपति डॉ अरविंद कुमार दीक्षित ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा लगाए जाने के खर्च के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह पूरा खर्च विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों की ओर से दिया जा रहा है। इस पूरे कार्य में विश्वविद्यालय का ₹1 भी खर्च नहीं हो रहा है। वही अंकतालिकाएं व कुर्सियां भगवे रंग में होने के कारण होने के सवाल पर कुलपति का यही कहना था कि यह सभी कार्य बाहरी एजेंसियां कर रही है। अब वे कौन सा रंग चुनती हैं यह वही जाने। साथ ही अंकतालिकाओं को भगवा रंग दिए जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस समय में विश्वविद्यालय में आए थे तो विश्वविद्यालय की डिग्री भी भगवा रंग में दी जा रही थी। ऐसे में उन्होंने अपनी तरफ से कुछ अलग नहीं किया है।
कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कुलपति तक अपनी बात पहुंचाने के लिए बहुत भागदौड़ करनी पड़ी। जब छात्र यह प्रदर्शन कर रहे थे तभी उन्हें पता चला कि कुलपति जुबली हॉल का निरीक्षण करने जा रहे हैं। यह छात्र यहां से भागते हुए जुबली हॉल की तरफ पहुंचे। जहां सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। नारेबाजी करते छात्र गेट पर चढ़ गए और 6 फुट ऊंचे गेट से कूदते हुए कुलपति के पास अपनी बात ले कर जाने लगे। तब उन्हें सुरक्षाकर्मियों ने रोक दिया। जिसके चलते छात्रों की कई बार उनसे तकरार भी होते होते बची।
छात्रों को कुलपति तक अपनी बात पहुंचाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी लेकिन कुलपति इन छात्रों से ना मिलने के लिए ही अड़े रहे इस दौरान हरीपर्वत थाने से पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया। तब कहीं जाकर यह छात्र कुलपति से मिल पाए और अपनी शिकायतों का ज्ञापन कुलपति को सौंपा।