आगरा। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता कपिल बाजपेई ने पारस हॉस्पिटल के खिलाफ जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की ओर से जो कार्यवाही की है उस पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। उनका कहना है कि जिन धाराओं में मुकदमा दर्ज है उनमें एक धारा 188 है जिसका जुर्माना मात्र दो सौ रुपये है। कपिल वाजपेई ने अपना वीडियो वायरल कर जिला प्रशासन से सवाल किया है कि नरसंहार करने वाले चिकित्सक पर सिर्फ दो सौ रुपये की जुर्माना की धारा लगनी चाहिए?
कोरोना संक्रमण के दौरान पारस हॉस्पिटल में मौत की जो मॉक ड्रिल हुई और उस घटना के कबूलनामे की जो वीडियो वायरल हुई उसके बाद जिला प्रशासन की ओर से हॉस्पिटल को सील कर दिया गया है और चिकित्सक अरिंजय जैन पर लचर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है जिसके विरोध में आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है। आम आदमी पार्टी के नेता कपिल वाजपेई ने एक वीडियो वायरल कर जिला प्रशासन से कई सवाल पूछे हैं तो वही हॉस्पिटल संचालक के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर एक आम नागरिक की हैसियत से गुरुवार को सेंट जोंस चौराहा हनुमान मंदिर के बाहर धरना देने की बात कही है।
कपिल वाजपेई ने इस वीडियो के माध्यम से जिला प्रशासन से यह भी सवाल किए हैं कि आखिरकार डॉ अरिंजय जैन के खिलाफ नरसंहार और हत्या के मामले में मुकदमा दर्ज क्यों नहीं किया गया है। दर्ज मुकदमें में एक धारा 188 लगाई गई जिसका जुर्माना मात्र ₹200 है। क्या एक नरसंहार करने वाले चिकित्सक के लिए मात्र ₹200 का जुर्माना काफी है?
कपिल वाजपेयी ने शहरवासियों से भी अपील की है कि इस नरसंहार के विरोध में वह सड़कों पर आएं क्योंकि नरसंहार करने वाले डॉक्टर अरिंजय जैन को बचाने के लिए कई राजनीतिक लोग उसके पीछे खड़े हो गए हैं। कपिल वाजपेई ने दो टूक शब्दों में कहा है कि जब तक डॉ अरिंजय जैन के खिलाफ नरसंहार और हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं होगा वह अपना धरना जारी रखेंगे।