यूपी सरकार का शराबबंदी को लेकर अभी कोई विचार नहीं – आबकारी मंत्री

आगरा। उत्तर प्रदेश में भले ही पिछले काफी समय से शराबबंदी को लेकर आवाजें उठ रही हो लेकिन सरकार फिलहाल शराब बंदी करने के मूड़ में बिल्कुल नहीं दिख रही। आगरा आए प्रदेश के आबकारी मंत्री जय प्रताप सिंह का कहना था कि उत्तर प्रदेश में सरकार का शराबबंदी को लेकर कोई विचार नहीं है। कबीना मंत्री के इस बयान ने उन लोगों को करारा झटका लगा है जो प्रदेश में शराब बंदी के लिए लगातार अभियान चलाकर शराब बंदी पर आवाज बुलंद किये हुए है।

बिहार और गुजरात में शराबबंदी के सवाल पर उन्होंने कहा कि जब से बिहार में शराब पर रोक लगी है तब से बिहार की सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल के जिलों में शराब की बिक्री में कई गुना की वृद्धि आई है।

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से कच्ची शराब के बनाए जाने और इसकी बिक्री के मामले पर आबकारी मंत्री का कहना है कि कई लोग पीढ़ी दर पीढ़ी शराब बनाने और बेचने का काम करते आ रहे हैं। लिहाजा वह लोग इस काम को बंद नहीं कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन के साथ लगातार विभाग इस काम पर अंकुश लगाने का प्रयास कर रहा है लेकिन वह लोग अपने रोजगार के चलते लगातार कच्ची शराब बनाने का काम नही छोड़ रहे हैं।

वहीं हरियाणा में सस्ती शराब बिकने के कारण उत्तर प्रदेश में होने वाली तस्करी पर चिंता जाहिर करते हुए कबीना मंत्री का कहना था कि भले ही हरियाणा में सस्ती शराब हो लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार दाम कम नहीं करेगी। बल्कि प्रयास कर रही है कि हरियाणा में भी दाम बढ़ जाए जिससे की रेट एक समान हो जाए।

राजस्व के सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष लगभग 10 हज़ार करोड रुपए का राजस्व आबकारी के माध्यम से आया है जो कि पिछले वर्ष की अपेक्षा में 7000 करोड़ अधिक है।

एससीएसटी एक्ट के विरोध के मुद्दे के सवाल पर कैबिनेट मंत्री सधे हुआ जवाब ही देते नजर आए और क्षत्रिय समाज की ओर से पूरे देश में हो रहे विरोध पर बचते बचाते सफाई ही देते रहे। 2019 के लोकसभा चुनावों के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस एक्ट का विरोध भले ही काफी हो रहा हो, लेकिन 2019 में पार्टी को कोई नुकसान नहीं होगा और भाजपा एक बार फिर मजबूती के साथ 2019 में अपनी सरकार बनाएगी।

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