चोरी करने आए चोर ने ये क्या किया, देखिए ये खबर

आगरा। 17 नवंबर की शाम थी। समय तकरीबन शाम 6:30 बजे का समय था। एत्माद्दौला से मात्र 100 मीटर की दूरी पर घर के अंदर बेड पर लहूलुहान 9 साल के मासूम कृश की निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्यारे ने मासूम कृश की गर्दन पर आरी का ब्लेड चला कर उसे मौत की नींद सुला दिया था। इस सनसनीखेज वारदात से आगरा पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा कि थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर मासूम बच्चे की निर्मम हत्याकर के हत्यारा फरार हो गया। SSP आगरा अमित पाठक के नेतृत्व में हत्या के खुलासे के लिए कई टीमों को लगाया गया। हत्या के मात्र 48 घंटे के अंदर पुलिस ने 9 साल के मासूम के हत्या कांड से पर्दा उठा दिया। आयुष शर्मा नाम के हत्यारे को गिरफ्तार किया है । जी हां आयुष कृश के मकान में पहले कभी किराए पर रहा करता था।

और पुलिस के मुताबिक आयुष कृश के पूरे परिवार और उसके कमरे से भली भांति परिचित था। यही वजह थी कि हत्यारे आयुष ने ऐसा समय चुना जब कृश की मां और बहन घर पर नहीं बल्कि बाजार में सब्जी लेने गई थी। हत्यारा आयुष कृश के घर में प्रवेश कर गया और आरी का ब्लेड ताला काटने यानी चोरी करने के लिए लाया था मगर घर के अंदर कृश को पाकर उसने ताला नहीं काटा बल्कि कृश की गर्दन को काट डाला।9 साल के मासूम के हत्याकांड से पर्दा उठ गया है तो वही हत्याकांड के पीछे एक और कहानी सामने आई है । हत्यारोपी के परिवार की आर्थिक तंगी के चलते हत्यारोपी ने चोरी करने का प्लान बनाया और चोरी में नाकाम होने पर उसने मासूम को मौत की नींद सुला दिया। हालांकि पुलिस कहती है कि हत्यारे का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है।

चोरी में नाकाम होने पर हत्यारे ने यह पहली बार आपराधिक कदम उठाया है । इस घटना का खुलासा होने के बाद भले ही पुलिस चैन की नींद सो रही हो। मगर कृश के परिवार की आज भी नींद हराम है। क्योंकि उनके मासूम और गोद का खिलौना आंखों का लाल हमेशा हमेशा के लिए दुनिया से रुखसत कर गया है । थाने से मात्र 100 मीटर की दूरी पर घर के अंदर 9 साल के मासूम कृश को मौत की नींद सुलाने वाले हत्यारे आयुष को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया है । और हत्यारे के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त आरी और वह कपड़े भी बरामद किए हैं जहां हत्यारे के कपड़ों पर कृश के खून के धब्बे मिले हैं । पुलिस घटना के आरोपी आयुष शर्मा को ज्यादा से ज्यादा सजा दिलाने के लिए ज्यादा से ज्यादा साक्षय का संकलन कर रही है। जिससे ऐसे हत्यारों को बाहर नहीं बल्कि जेल के अंदर ही आजीवन रखा जा सके ।आगरा पुलिस वाकई काबिले तारीफ है । मगर सवाल यह है कि मात्र चोरी के लिए एक मासूम को मौत की नींद सुला देना रोंगटे खड़े करने वाली घटना है। तो वही उन लोगों के लिए भी नसीहत है जो लोग अपने घर के किरायेदारों का बिना सत्यापन कर घर में रखते हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि इस घटना के बाद उन लोगों को भी सबक ले लेना चाहिए जो लोग बिना सत्यापन करे किरायेदारों पर रखकर उन पर पूरा भरोसा करते हैं । ना जाने कब किसके दिमाग और दिल में अपराध की प्रवृत्ति जाग जाए और ना जाने कब अपने ही पराए हो जाएं यह घटना इसी पर आधारित है।

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