फिरोजाबाद। फूलन देवी हत्याकांड के विरोध के दौरान जमकर हुए बवाल के मामले में 19 साल बाद आखिरकार कोर्ट ने सजा सुना ही दी। इस मामले में आरोपी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष व पूर्व विधायक अजीम को एडीजे कोर्ट 8 में विशेष न्यायाधीश केशव गोयल ने कोर्ट ने दस साल की जेल और दस हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट के सजा सुनाते ही पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और जेल ले गयी। वहीं जिला अध्यक्ष को सजा होने की सूचना मिलते ही प्रसपा के सैकड़ों कार्यकर्ता मौके पर पहुँच गए।
मामला वर्ष 2001 का है। उस समय प्रसपा के जिला अध्यक्ष अजीम समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ व फायर ब्रांड नेता थे। फ़िरोज़ाबाद शहर के सुभाष नगर चौराहे पर फूलन देवी हत्याकांड के विरोध में जमकर प्रदर्शन हुआ था। इस प्रदर्शन के दौरान कई बसें जला दी गयी थी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचा था। इस पूरे बवाल में अजीम पर आरोप लगा था कि उनके कहने पर ही यह बवाल और आगजनी हुई थी। यह मुकदमा 19 साल तक चला और आखिर आज एडीजे कोर्ट 8 में विशेष न्यायाधीश केशव गोयल ने 10 वर्ष की सजा सुना दी। उन पर 10 हजार का जुर्माना भी लगाया है। अजीम सजा सुनाते समय कोर्ट में उपस्थित थे। सजा सुनाते ही पुलिस ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया और पुलिस उन्हें जेल ले गई।
2001 में बलवे के मामले में तीन लोग नामजद किए गए थे। जिसमें अजीम, संजय यादव और मंशाराम यादव थे लेकिन कोर्ट ने संजय और मंशाराम को पहले ही जमानत दे दी थी लेकिन अजीम को बरी नहीं किया था। अब जाकर कोर्ट ने उस पुराने मामले में सजा सुनाई। सजा सुनाए जाने के बाद सिरसागंज विधायक हरीओम यादव उनसे मिलने कोर्ट पहुंचे। जहां उनसे मिलकर वह भावुक हो गए। अजीम ने जेल जाने से पहले कहा कि वह कोर्ट का सम्मान करते हैं। उन्होंने फूलन देवी हत्या को लेकर विरोध किया था।