पुलिस कप्तान को रो रो कर सुनाया दर्द, आत्मदाह की चेतावनी

आगरा। सोमवार दोपहर की करीब 12:00 बजे का समय था। दो सगी बहने एसएसपी आगरा अमित पाठक से मिलने पहुंची थी। कप्तान के दरवाजे पर दो बहनों की चीख-पुकार देखी जा रही थी। आंखों से आंसू बह रहे थे और रुंधे गले से जिले के पुलिस कप्तान अमित पाठक से दोनों बहने न्याय की गुहार मांग रही थी।

फतेहाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाली यह दो सगी बहने पुलिस कप्तान को फतेहाबाद पुलिस की शिकायत करने आई थी। मामला इन दोनों सगी बहनों की एक बेटी एक युवक के साथ जाने का था।

पीड़ित महिलाएं रो-रो कर कह रही थी कि साहब फतेहाबाद की पुलिस हमारी सुनवाई नहीं कर रही है। कई बार थाना पुलिस को करुण क्रंदन अपनी कहानी और अपना दर्द सुनाया गया मगर बेरहम फतेहाबाद पुलिस ने कोई कार्यवाही नहीं की।

कप्तान के कार्यालय पर नजारा कुछ ऐसा था कि दोनों बहने हाथ जोड़कर गिड़गिड़ाकर रो रही थी। लोगों का मजमा पुलिस कप्तान आगरा के कार्यालय पर था। पीड़ित महिलाओं का कहना था कि उनकी बेटी को पड़ोस का रहने वाला एक बेड़िया समाज का युवक बहला फुसलाकर ले गया है और उसे वह गलत धंधे में उतारना चाहता है। इससे पहले भी इस युवक ने और ना जाने कितनी युवतियों के साथ ऐसा घटनाक्रम किया। ऐसा गंभीर आरोप लगाकर दोनों सगी बहनों एसएसपी आगरा अमित पाठक से आरोपी के खिलाफ कार्यवाही की मांग कर रही थी।

मीडिया से बात करते हुए पीड़ित महिला ने बताया कि वह भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष है। भाजपा के लिए काम करते-करते पिछले 15 सालों से उसने अपनी चप्पलें घिस दी और भारतीय जनता पार्टी की सरकार में आज उसे न्याय नहीं मिल रहा है।

कप्तान को अपना दुखड़ा सुनाने के बाद पीड़ित महिलाओं ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि अगर आरोपी के खिलाफ कार्यवाही नहीं हुई और आरोपी को जेल भेजने के साथ-साथ उनकी लड़की की सकुशल बरामदगी नहीं हुई तो वह कप्तान के दरवाजे पर मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह कर लेगी।

एसएसपी आगरा ने दोनों पीड़ित महिलाओं की शिकायत सुनी है। इलाकाई पुलिस को दिशा निर्देश जारी किए हैं। साथ ही साथ पीड़ित दोनों बहनों को आश्वासन दिया है कि साक्ष गवाह और तथ्यों के आधार पर इलाकाई पुलिस जल्द ही कार्यवाही करेगी। देखना होगा कि कप्तान के दरवाजे पर रो रो कर न्याय की गुहार लगाने वाली आगरा की पुलिस का दिल कब पसीजता है।

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