आगरा की राम बारात पूरे उत्तर भारत में प्रसिद्ध है।बरसों से यह राम बारात परंपरागत तरीके से निकलती आ रही है। इसके साथ ही आगरा में कई जगहों पर रामलीला का मंचन भी होता है।लेकिन रामलीला पर कोरोना का ग्रहण भी लगा, जिसकी वजह से सरकार ने पिछले साल मंचन की अनुमति नहीं दी और ना ही ऐतिहासिक राम बारात निकाली गई। लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा, योगी सरकार ने रामलीला के मंचन की अनुमति दे दी है, जिससे राम भक्तों और मंच के कलाकारों में बेहद खुशी है। अब रामलीला के मंच पर जय श्रीराम के नारे खूब गूंजेंगे।इसी क्रम में आगरा रेलवे छावनी के कर्मचारी रामलीला के मंचन पर पूरी मेहनत से पसीना बहा रहे है।कोरोना की वजह से 1 साल का गैप रहा।2020 में रामलीला का मंचन नहीं हुआ।अब अनुमति मिली है कि कलाकार रिहर्सल में खून पसीना बहा रहे हैं।अगर कोविड ना होता तो कैंट रामलीला का 50 वां आयोजन हो रहा होता।
आगरा छावनी की रामलीला कई बरसों पुरानी
आगरा रेलवे के कर्मचारी अपने काम को जितनी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपने को करते हैं। शाम को रामलीला के मंच पर अपने अभिनय को उतनी ही शिद्दत से निभाते हैं।आगरा रेलवे छावनी की रामलीला में 1 साल का गैप हुआ।सूबे की योगी सरकार ने खुले मंच से रामलीला करने की अनुमति दे दी है, जिससे इन सभी कर्मचारियों के चेहरों पर खुशी है।आगरा छावनी की रामलीला में अभिनय करने वाले कर्मचारी कई सालों से आगरा रेलवे में काम कर रहे हैं और विभिन्न पदों पर तैनात है।इनमें से कोई भी कलाकार प्रोफेशनल कलाकार नहीं है।इसके बावजूद लोग रामलीला के किरदार में जान झोंक देते है।
आपसी सौहार्द का प्रतीक है आगरा छावनी की रामलीला
आगरा छावनी की रामलीला मंच के निर्देशक व पत्रकार राकेश कनौजिया ने बताया कि कैंट की रामलीला आपसी सौहार्द का भी प्रतीक है। कई ऐसे मुस्लिम कलाकार हैं जो इस रामलीला में मंचन करते हैं और अपने किरदारों को पूरी शिद्दत के साथ लोगों के सामने प्रस्तुत करते हैं।आज भी यही रामलीला उसी पुराने परंपरागत तरीके से सौहार्द और एकता को बनाए रखने के लिए निरंतर चली आ रही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा समय-समय पर समाज सुधार जैसे विषयों पर भी हम लोगों को जागरूक करते हैं। हम पिछले कई सालों से दहेज प्रथा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओज़ स्वच्छता अभियान को लेकर भी इस मंच के माध्यम से लोगों में जागरूक करते हैं।राम हमारे आदर्श हैं और उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हम समाज का भी काम करते हैं।