Agra. इलाज के अभाव में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य (PCC Member) वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बघेल की मौत हो गयी। उनकी मृत्यु से जिला व शहर कांग्रेस पार्टी में शोक की लहर दौड़ गयी है। बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से उनकी तबियत खराब चल रही थी और आज तबियत बिगड़ने पर उन्हें हॉस्पिटल ले जाया गया लेकिन कहीं भी भर्ती न किये जाने पर उन्होंने दम तोड़ दिया।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बघेल का कई दशकों का राजनीतिक इतिहास है। वह कांग्रेस के कई अहम पदों पर रहे थे तो कई बड़े आंदोलन में सक्रिय रहे। उन्होंने एक कर्मठ कार्यकर्ता के रूप में पार्टी की सेवा की थी।
पूर्व जिला अध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने बताया कि पिछले कई दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब चल रहा था। उनका इलाज घर पर ही चल रहा था लेकिन बुधवार शाम को उनकी तबियत बिगड़ी और उन्हें अस्पताल ले जाया गया लेकिन कोरोना के चलते हॉस्पिटल में उन्हें भर्ती नहीं किया गया। इस बीच उन्हें सांस लेने में दिक्कत हुई और उन्होंने दम तोड़ दिया।
वरिष्ठ नेता अमित सिंह ने बताया कि आज बिगड़ती चिकित्सीय सुविधा के चलते पार्टी के कर्मठ नेता की मौत हो गयी। कोरोना के चलते उन्हें हॉस्पिटल में एडमिट नहीं किया गया जबकि उन्हें कोरोना नहीं था लेकिन सांस लेने की शिकायत हुई और ऑक्सिजन के अभाव में उन्होंने दम तोड़ दिया।
उत्तर प्रदेश व्यापार प्रकोष्ठ पश्चमी जोन के चैयरमैन विनोद बंसल का कहना था कि प्रताप सिंह बघेल की मौत के लिए प्रशासन की लापरवाही है। कोरोना के चलते गंभीर मरीज को भी हॉस्पिटल में एडमिट नहीं किया जा रहा और ऑक्सीजन की कालाबाजारी के कारण जरूरतमंदो को ऑक्सिजन नही मिल रही है जिसका खामियाजा हमें प्रताप सिंह बघेल को खोकर उठाना पड़ रहा है।