Home » राम मंदिर जमीन खरीद मामले में कांग्रेसियों का हल्ला बोल, BJP-RSS पर घोटाले आरोप

राम मंदिर जमीन खरीद मामले में कांग्रेसियों का हल्ला बोल, BJP-RSS पर घोटाले आरोप

by admin
Scam allegations against BJP-RSS in Ram Mandir land purchase case

Agra. गुरुवार को जिला मुख्यालय ‘चंदा चोर गद्दी छोड़ो’ जैसे नारों से घंटो तक गूंजता रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राम मंदिर के नाम पर मंदिर के जमीन घोटाले को लेकर जमकर प्रदर्शन किया और ‘मंदिर के नाम पर घोटाला करने करने वालों का नाश हो और मोदी योगी मुर्दाबाद’ के नारे लगाए।

श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए जमीन खरीद घोटाले को लेकर कांग्रेस ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। गुरुवार को जिला व शहर कांग्रेस कमेटी के सयुक्त तत्वाधान में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर जमकर प्रदर्शन किया और घोटाले की जांच सुप्रीम कोर्ट के न्यायधीश से कराने की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन अपर जिलाधिकारी नगर डा. प्रभाकांत अवस्थी को सौंपा।

इस अवसर पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष राघवेंद्र सिंह मीनू ने कहा कि जिस प्रकार से आरएसएस के पूर्व प्रान्त कार्यवाह व ट्रस्ट के मुखिया चंपक राय ने 5 मिनट के अंतराल में ही 2 करोड़ की जमीन 18.5 करोड़ रुपए में प्रॉपर्टी डीलर से खरीदी, वह काफी संदेह उत्पन करता है। 5 मिनट में ही जमीन के मूल्य 8 गुना कैसे बड़ गए।

जिला अध्यक्ष ने कहा कि आरएसएस और भाजपा वास्तव में भगवान राम के नाम पर भी घोटाला करने से नहीं चूक रहे हैं, जमीन घोटाले की यदि सही जांच करा ली जाए, तो इनका असली घिनौना चेहरा जनता के सामने आ जाएगा।

शहर अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार चिल्लू ने कहा कि आरएसएस भाजपा ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। कितने शर्म व आश्चर्य की बात है कि जिन लोगों ने खुलेआम जमीन खरीद घोटाला किया है, वही घोटालेबाज लोग, अपने द्वारा किए गए घोटाले की जांच करके आरएसएस और भाजपा को सौंपकर खुद को क्लीन चिट दे रहे हैं।

देवेंद्र सिंह चिल्लू ने कहा कि श्री राम मंदिर जमीन खरीद घोटाले में आरएसएस, भाजपा से लेकर सत्ता के दवाब में बैनामा कराने वाले वह अधिकारी भी दोषी हैं, जिन्होंने खुलेआम यूपी भूमि विक्रय कानून की धज्जियां उड़ाते हुए इन बैनामों को करवाया है, क्योंकि दोनों बैनामों पर गवाह एक ही हैं, जोकि आरएसएस भाजपा से जुड़े हुए हैं। इसके साथ ही सरकार को राजस्व की भी हानि पहुंचाई गई है, अतः दोनों अधिकारियों को तुरन्त निलंबित किया जाना चाहिए।

कार्यक्रम में कांग्रेस के मुन्ना मिश्रा, राजकिशोर श्रीवास्तव, अश्वनी जैन, नंदलाल भारती, मुन्नालाल वर्मा, चंद्रमोहन पाराशर, संजीव नागर, विराग जैन, आई डी श्रीवास्तव, अतुल यादव, अदनान कुरैशी, चंद्रमोहन जैन, प्रदीप जैन सी ए, स्वरूप राम चंसोरिया, जितेन्द्र शर्मा, याकूब शेख, अनुज शिवहरे, हबीब कुरैशी, राजेन्द्र सोनकर, दयाल तिवारी, हरिओम राठौर, सौरभ तोमर, आर बी सिंह धाकरे, नगीना चौधरी आदि ने भाग लिया।

Related Articles