फिरोजाबाद। थाना नगला सिंघी क्षेत्र के अंतर्गत धीरपुरा निवासी पिंटू दिवाकर पुत्र सूबेदार दिवाकर उम्र 33 वर्ष ने नीम के पेड़ से फंदा कसकर आत्महत्या कर ली। पिता सूबेदार दिवाकर का कहना है कि मेरे बेटे को 28 सितंबर को गढीभाऊ पर हुई बाइक लूट में झूठा फंसाकर पुलिस थाने ले गयी थी। जहां उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने उसे दोबारा बुलाने की कहकर छोड़ दिया था जिससे दहशत में आकर उसने फांसी का फंदा चूम लिया जबकि वह पूरी तरह बेकसूर था।
बताया गया है कि पिंटू श्रीनाथ कारखाने में चूड़ी का काम करता है। वह साथियों के साथ 28 सितंबर की रात 11:30 बजे घर आया था जबकि लूट 6:30 बजे शाम को हुई थी। मृतक युवक के पास चार बच्चे हैं। रागिनी 7 वर्ष, राघव 5 वर्ष, कल्लो 3 वर्ष व प्रज्ञा 1 वर्ष है, पत्नी नीलम है। पिता ने बताया कि पिंटू को पुलिस थाने ले गयी और उसे दो दिन तक बंधक बनाए रखने के बाद छोड़ा गया। घर आकर बेटे ने कहा कि मुझे बहुत मारा है और मेरे प्राईवेट पार्ट में चोट पहुंचाई। मुझ से 50 हजार रूपये की मांग की गई। पुलिस के भय के कारण पिंटू ने आत्महत्या कर ली। यह भी बताया गया है कि 6 वर्ष पूर्व प्रेम सिंह स्टांप विक्रेता का पैसो का बैग कहीं रास्ते में गिर गया था जो पिंटू को मिला था। इसका भी केस चल रहा है।
गांव वालों का कहना है मृतक का परिवार गरीब है और मेहनत मजदूरी कर परिवार का गुजारा कर रहा था। पुलिस के भय के कारण उसने आत्महत्या की है। पुलिस पिटाई से पिंटू के शरीर पर चोट के निशान भी हैं। दोनों टांगों के बीच कटने (चीरने) के निशान भी पाये गये हैं।
सीओ टूंडला देवेंद्र कुमार का कहना है कि पूछताछ के लिए बुलाया था उसके बाद छोड़ दिया था। आरोप बेबुनियाद हैं। वहीं एसडीएम राजेश कुमार ने मुआवजे का ऐलान करते हुए आश्वासन दिया कि परिजनों की ओर से मिली तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा और उचित कार्रवाई की जाएगी।