Agra. ऑक्सिजन की कमी से हॉस्पिटल जूझ रहे है और इसकी कमी से मरीजों की मौत हो रही है। कोरोना संक्रमण काल में ऑक्सिजन की आपूर्ति सुचारू रखने और इसकी कालाबाजारी को रोकने के लिए जिलाधिकारी ने उधोगों को ऑक्सिजन की सप्लाई रोकने व उसकी आपूर्ति हॉस्पिटल को करने के निर्देश दिए है। इस आदेश को अमलीजामा पहनाने के लिए तीन ऑक्सिजन प्लांटों पर प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती कर दी है। उन्ही की देखरेख में ऑक्सिजन के सिलेंडरों को बाहर निकाला जाएगा और उनकी आपूर्ति सीधे हॉस्पिटलो को की जाएगी।
कोरोना संक्रमण काल में मरीजों की बढती संख्या के चलते शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के हॉस्पिटल में ऑक्सिजन की कमी से जूझ रहे है लेकिन ऑक्सिजन प्लांट हॉस्पिटल की बजाए कांच के उधोगों व कारखानों में सप्लाई कर रहे है। इस सूचना पर
सिटी मजिस्ट्रेट अरुण यादव के नेतृत्व में तीनों ऑक्सिजन प्लांटों पर छापामार कार्यवाही की गई। तीनों प्लांटों पर ऑक्सिजन से भरे सिलेंडरों को अपने कब्जे में ले लिया और तीनों प्लांटों पर अधिकारियों को तैनात कर दिया गया। इन अधिकारियों की देखरेख में ऑक्सिजन प्लांटों से ऑक्सिजन की सप्लाई की जाएगी।
सिटी मजिस्ट्रेट अरुण यादव ने बताया कि हॉस्पिटल में व्याप्त ऑक्सिजन की कमी को पूरा करने व ऑक्सिजन की आपूर्ति सुचारू रखने के लिए ऑक्सिजन के तीनों प्लांटों पर अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारियों की देखरेख में ही ऑक्सिजन के सिलेंडर सीधे हॉस्पिटल पहुँचाये जाएंगे जिनमें ऑक्सिजन की कमी है।
सिटी मजिस्ट्रेट अरुण यादव ने बताया कि प्लांट मालिकों को साफ कहा गया है कि अभी कांच की फैक्ट्रियों को आक्सीजन सप्लाई नही दी जाएगी अगर कोई फैक्ट्रीयो को सप्लाई देने की कोशिश करेगा तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।