आगरा विश्वविद्यालय के 85 में दीक्षांत समारोह में शिरकत करने आए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा के काफिले को काले झंडे दिखाए जाने के मामले में पुलिस ने पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा को पहले ही जेल भेज दिया है तो मंगलवार को इस मामले में नामजद अन्य एनएसयूआई के कार्यकर्त्ताओं ने हरीपर्वत थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। एनएसयूआई कार्यकर्त्ताओं के खिलाफ कानूनी कार्यवाही कर जेल पुलिस ने जेल भेज दिया है तो इस पूरे मामले को लेकर राजनीति भी तेजी के साथ गरमा गई है।

बताते चलें कि एनएसयूआई कार्यकर्ता छात्र और विवि से जुड़ी तमाम समस्याओं को लेकर शासन और प्रशासन स्तर को ज्ञापन सौपकर अवगत करा चुके थे लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। जिससे आक्रोशित होकर दीक्षांत समारोह से एक दिन पहले ही एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने खंदारी के पास में काले झंडे दिखाकर डिप्टी सीएम का जोरदार विरोध किया था।
बताया जाता है कि आगरा के हरीपर्वत थाने पर आत्मसमर्पण करने से पहले एनएसयूआई के कार्यकर्ता दीवानी चौराहे पर स्थित भारत माता की प्रतिमा पर पहुंचे। भारत माता की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने थाने पर पहुंचकर आत्मसमर्पण करते हुए गिरफ्तारी दे दी। वहीं इस मौके पर कांग्रेसी नेताओं में भारतीय जनता पार्टी को आड़े हाथों ले लिया।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं का कहना था कि उनके खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने किसी की हत्या कर दी हो पुलिस आए दिन उनके घर पर दबिश दे रही हैं पुलिस प्रशासन और सरकार इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देकर लोकतंत्र को खत्म करना चाहती है जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
इस मामले को लेकर राजनीति तेज हो गई है जहां भारतीय जनता पार्टी विरोध करने वाले एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को गंभीर धाराओं में जेल भेज रही है तो वहीं एनएसयूआई और कांग्रेस नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी को निशाना साधना शुरू कर दिया है