कोरोना काल में आशाएं निभा रही हैं अपना फ़र्ज़, कोविड-19 से बचने के लिए लोगों को कर रहीं जागरुक

आगरा। कोरोना संक्रमण को फैलने से रोकने को आशा कार्यकत्री लॉकडाउन के बीच ग्रामीणों के तमाम दु:ख-दर्द को बांटने का काम कर रही हैं। मातृ-शिशु स्वास्थ्य के साथ परिवार नियोजन के मुद्दे पर काम करने वाली आशा के सामने अब कोरोना के खिलाफ जंग लड़कर सभी को सुरक्षित बनाने की जिम्मेदारी है। जनपद आगरा में 2395 ग्रामीण, 515 शहरी और 120 आशा संघनी कोविड-19 से लड़ाई में लगातार सरकार का साथ दे रही हैं। वे इन दिनों कोविड-19 से बचाव के लिए लोगों को जागरूक कर रही हैं। लोगों को मास्क पहनने, साबुन से हाथ धोने और सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए भी जागरुक कर रही हैं। इसके साथ ही बाहर से आने वाले लोगों का ब्यौरा भी एकत्र करने का कार्य भी घर-घर जाकर सर्वे के द्वारा कर रही हैं।

भीकनपुर क्षेत्र में काम करने वाली आशा पप्पीकांत बताती हैं कि जब कोई व्यक्ति बाहर से आता हैं तो हम उसे क्वारंटीन कराते हैं और उसके घर के बाहर फ्लायर लगाकर क्वारंटीन शुरू होने की तारीख लिखते हैं, साथ ही नियमित समयातंराल पर आकर चेक करते हैं कि व्यक्ति की तबीयत ठीक है या नहीं। परेशानियों के बारे में पप्पीकांत कहती हैं कि बाहर से आने वाले कुछ लोग तो हमारा सहयोग करते हैं, कुछ लोग सहयोग नहीं करते और बात छिपाते हैं। इस पर हमें ग्राम प्रधान और पुलिस की सहायता लेकर उन्हें क्वारंटीन करना पड़ता है। पप्पीकांत कोरोना से लड़ाई में आगे बढ़कर भाग ले रही हैं और अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रही हैं। उन्हें पूर्व में एत्मादपुर क्षेत्र में महिला नसबंदी के तहत फैमिली प्लानिंग में उत्कृष्ट कार्य के लिए हेल्थ डिपार्टमेंट के द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है।

लंगड़े की चौकी हरमुखा की आशा मुंदरा इन दिनों हॉटस्पॉट एरियाज में जाकर कोरोना संदिग्धों की स्क्रीनिंग कर रही हैं। वे बताती हैं कि क्षेत्र के हर घर पर जाकर हम पूछते हैं कि किसी को खांसी-जुकाम, बुखार तो नहीं है या फिर घर में कोई सदस्य बाहर से तो नहीं आया है। यदि कोई संदिग्ध मिलता है तो घर के बाहर स्टीकर लगाकर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. मेघना शर्मा को सूचना देते हैं। इसके अलावा वे हॉटस्पॉट एरिया में स्क्रीनिंग भी कर रही हैं। मुंदरा बताती हैं कि सर्वे के दौरान सबसे ज्यादा दिक्कत आने-जाने की रहती है। लॉकडाउन के चलते पैदल ही जाना पड़ता है। आने-जाने का कोई इंतजाम नहीं है। हम सर्वे के बाद घर पर लौटकर आते हैं, घर में भी फैमिली मेंबर्स हैं, हमें भी इंफेक्शन का डर है इसलिए प्रिकॉशन का प्रॉपर यूज करते हैं। पति बहुत सपोर्ट करते हैं। वह हमेशा ही हौसला देते हैं।

जनपद के मितावली गांव आशा मधुबाला इन दिनों डेली सुबह उठकर अपने गांव के हर मोहल्ले में जाकर सर्वे कर रही हैं। वे यहां पर बाहर से आए हुए लोगों का ब्यौरा जुटाकर सरकार को दे रही हैं। वे सर्वे के दौरान घर के अन्य सदस्यों के हालचाल भी पता कर रही हैं। यदि घर में किसी को बुखार, जुकाम या खांसी है तो वे इसकी जानकारी भी हेल्थ डिपार्टमेंट को पहुंचा रही हैं। इसके साथ ही वे लोगों को याद भी दिलाती रहती हैं कि समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें, मास्क लगाकर ही घर से बाहर निकलें और लोगों से सामाजिक दूरी बनाकर रखें। एक ओर जब सब लोग अपने घरों में रहकर कोरोना से बचाव कर रहे हैं, तब मधुबाला घर-घर जाकर न केवल लोगों को कोविड के प्रति जागरुक कर रही हैं, बल्कि बाहर से आए हुए लोगों का ब्यौरा जुटा कर सरकार तक पहुंचा भी रही हैं।

बिहारीपुर गांव की आशा पुष्पादेवी इन दिनों सुबह अपने घर से बच्चों को नाश्ता कराकर सर्वे के लिए निकलती हैं। वे गांव के हर घर में जाकर इन दिनों सर्वे कर रही हैं। यदि कोई बाहर से आया है तो उसकी जानकारी नोटकर वह अपने प्रभारी को जानकारी देती हैं। इसके अलावा वे विटामिन की दवा भी घर-घर दे रही हैं। इसके अलावा वे अपने क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं की जानकारी भी रख रही हैं। उनकी जानकारी भी अपने प्रभारी को जानकारी दे रही हैं। इन दिनों वे लोगों को कोविड-19 से जागरुकता के लिए मास्क पहनने, बार-बार साबुन से हाथ धोने और सामाजिक दूरी बनाए रखने के बारे में भी बता रही हैं।

परवेज आलम, बीसीपीएम ने बताया कि आशाएं कोविड-19 से लड़ाई में अहम भूमिका निभा रही हैं. वे इन दिनों ग्राम प्रधान और अपने प्रभारी से समन्वय कर काम कर रही हैं। यदि किसी को बुखार है तो उन्हें पैरासिटामोल की दवा भी दे रही हैं और अपनी प्रभारी को बता भी रही हैं। एत्मादपुर क्षेत्र में 224 प्रवासी मजदूरों का मेडिकल टेस्ट हो चुका है एवं सभी को आशाओं द्वारा होम करंट टाइम किया हुआ है इन सभी की निगरानी ग्राम स्तर पर निर्धारित ग्राम समिति द्वारा की जा रही है।

डॉ. विजय सिंह, डीसीपीएम ने बताया कि आशाएं इन दिनों बाहर से आने वाले लोगों की जानकारी जुटाकर वे अपने प्रभारी को सूचित कर रही हैं और जो बाहर से आया है उसके घर पर एक स्टिकर लगाकर उन्हें जागरुक कर रही हैं कि वे होम क्वॉरंटीन को कैसे मेंटेन करें। इसे ट्रैक भी किया जा रहा है।

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