प्रभु कृष्ण और रुक्मणी के विवाह के साक्षी बने सैकड़ों भक्त, बापू चिन्मयानन्द से भी हुए रूबरू

आगरा। विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट की ओर से शास्त्रीपुरम के चर्चित चौराहे बचत बगीची पर चल रही श्रीमद भागवत कथा का रसपान पाने के लिए भक्तों का सैलाब दिन प्रतिदिन कथा स्थल पर बढ़ता चला जा रहा है। मंगलवार को कथा से पहले राष्ट्रीय संत चिन्मयानंद बापू महाराज से सैकड़ों भक्त सीधे रूबरू हुए। भक्तों ने अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया। वहीं लोगों ने बापू को गुरु बनाकर दीक्षा भी ली। इसके बाद दोपहर से कथा स्थल पर श्रीमद् भागवत कथा की शुरुआत हुई। चिन्मयानन्द महाराज ने भक्तों को कृष्ण की कई लीलाओं के साथ-साथ प्रभु कृष्ण और रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया। प्रभु की इन लीलाओं और विवाह का श्रवण कर भक्त काफी उत्साहित दिखे।

राष्ट्रीय संत चिन्मयानन्द महाराज ने भक्तों को बताया कि प्रभु कृष्ण की लीलायें धर्म की स्थापना और मार्गदर्शक के रूप में थीं। वहीं हर गोपी के मन में भगवान श्री कृष्ण से विवाह की इच्छा थी तो प्रभु ने लीला कर यह जताया कि हर मनुष्य में ही हूँ। इसके बाद कृष्ण और रुक्मणी विवाह का प्रसंग हुआ और हर भक्त प्रभु कृष्ण और रुक्मणी विवाह के साक्षी बने।

कथा के दौरान विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट की आगरा इकाई की ओर से एक और सेवा प्रकल्प को अंजाम दिया गया।
विश्व कल्याण मिशन ट्रस्ट आगरा के पदाशिकारियों ने बताया कि आज श्रीमद् भागवत के दौरान बापू ने भक्तों को श्री कृष्ण की कई लीलाओं और कृष्ण रुक्मणी विवाह का श्रवण कराया है। इस कथा को सुनकर भक्त भाव विभोर हो गए। इतना ही नहीं इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा के साथ ही समाज से जुड़े कई प्रकल्पों को भी किया गया है जिससे समाज गरीबों की मदद के लिए आगे आये और समाज को नई दिशा मिल सके।

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