मानवता को शर्मसार कर देने वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं। बता दें यह तस्वीरें उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की हैं। तस्वीरों से साफ तौर पर समझा जा सकता है कि किस तरह कोरोना महामारी से हो रही मौतों के डर ने लोगों की संवेदना खत्म कर दी है। यह तस्वीरें बयां करती है कि आखिर किस प्रकार करोना महामारी में अपनें भी साथ छोड़ रहें हैं। वहीं कोरोना के भय से अपनों ने भी शव को साथ ले जाने से इंकार कर दिया और इस आपदा की घड़ी में जब कोई भी साथ देने के लिए राजी ना हुआ तो मृतका के बेबस पति तिलकधारी सिंह को साइकिल से पत्नी का शव श्मशान घाट ले जाना पड़ा।
दरअसल सोशल मीडिया पर छाई यह तस्वीरें जौनपुर जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र की है जहां एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी मृत पत्नी को साइकिल पर रखकर घाट किनारे अंतिम संस्कार के लिए लाया। मिली जानकारी के मुताबिक मड़ियाहूं क्षेत्र के अमरपुर गांव के निवासी तिलकधारी सिंह की 55 वर्षीय पत्नी राजकुमारी देवी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। लेकिन अस्पताल में बेड्स की दिक्कत और सही इलाज ना मिलने के चलते राजकुमारी की मौत हो गई। जब राजकुमारी के शव को घर लाया गया तो मोहल्ले के लोगों और रिश्तेदारों ने कोरोना के डर से साथ छोड़ दिया। काफी समय तक बुजुर्ग मदद का रास्ता देखता रहा लेकिन आखिर तक उसे कोई मदद नहीं मिली।शव की स्थिति खराब होते देख पति ने पत्नी के शव को साइकिल पर रखा और गांव के बाहर नदी के किनारे अंतिम संस्कार करने पहुंचा। जहां पर स्थानीय लोगों ने शव को जलाने से रोक दिया।

जब इस घटना की सूचना कोतवाली में पहुंची तो इंस्पेक्टर मुन्ना राम धूसिया मौके पर पहुंचे। फिर पुलिस ने शव को घर पहुंचा कर पूरे रीति रिवाज के साथ महिला का अंतिम संस्कार करवाया। वहीं पुलिस के इस सराहनीय कार्य को देखते हुए वहां के लोगों ने पुलिस की काफी प्रशंसा की।सीओ एमपी उपाध्याय ने बताया , “महिला की मौत जिला अस्पताल में हुई थी और एम्बुलेंस से शव आया था लेकिन कोरोना के चलते कोई छूने को तैयार नहीं हुआ। जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पूरे रीति रिवाज के साथ महिला का अंतिम संस्कार करवाया।”