Home आगरा दहशत के साये में जीने को मजबूर परिवार, कभी भी हो सकता है ये जानलेवा हादसा

दहशत के साये में जीने को मजबूर परिवार, कभी भी हो सकता है ये जानलेवा हादसा

by admin

Agra. आए दिन खराब होती पेयजल और सीवर लाइन और फिर उनकी खुदाई के बाद उनकी मरम्मत न होने से एक परिवार की जान पर बन आई है। इस परिवार के मकान में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं और इन दरारों के चलते कभी भी मकान धराशाई भी हो सकता है। मकान में आई दरारों के चलते परिवार के लोग काफी परेशान हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं है।

मामला देवरी रोड स्थित भवानी बस्ती का है। इस बस्ती में अनीता अपने परिवार के साथ रहती है। अनीता की दो बेटी और एक बेटा है। बेटे के एक्सीडेंट के बाद वह चलने फिरने में असमर्थ है तो वहीं पति भी प्राइवेट जॉब करते हैं। पीड़ित अनीता ने बताया कि क्षेत्र में कुछ दबंग लोग हैं जो आए दिन पेयजल और सीवर लाइन को ठीक करने नया कनेक्शन लेने के चलते खुदाई कराते रहते है।

आरोप लगाया कि यह दबंग लोग सरकारी कनेक्शन नहीं लेते इसीलिए प्राइवेट कर्मचारियों से चोरी छुपे पेयजल और सीवर लाइन का काम करा लेते हैं। काम हो जाने पर फिर उसे यूं ही ही छोड़ देते हैं जिससे गली में जलभराव होता है और उससे सीलन आने से मकान में दरारें पड़ गई हैं। इतना ही नहीं बगल में खाली प्लॉट है उसको भी दबंग पड़ोसी मकान को कब्जाने की नीयत के चलते बनवा नहीं रहे। उस खाली प्लॉट में भी बरसात के दिनों में पानी भर जाता है और उससे लगा जो कमरा है उसमें भी दरारें आ गई हैं।

पीड़ित अनीता ने बताया कि दबंगों की इस कारगुजारी के चलते उनके मकानों में दरार तो आ गई लेकिन जब वह इसके लिए अपने पड़ोसी अमरेश और दिलीप से शिकायत करते हैं तो वह मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। 2019 में इन्हीं लोगों ने उनके और उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट की थी, तब भी इसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। 2019 का मामला अभी भी कोर्ट में चल रहा है लेकिन इन दबंग लोगों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है।

पीड़ित अनीता ने बताया कि आर्थिक रूप से उनका परिवार बेहद ही कमजोर है। उनका यह मकान पुश्तैनी है और इसी में वह वर्षों से रह रहे हैं लेकिन 25 साल से दबंग पड़ोसियों ने उनका रहना मुश्किल कर दिया है। आए दिन कुछ न कुछ ऐसी हरकतें है जिससे वह उस घर को छोड़ दें। आर्थिक रुप से कमजोर होने के बाद उनके पास कोई और दूसरा मकान भी नहीं है। इसीलिए वह इस मकान में ही दहशत के साए में रहने को मजबूर हैं। कभी भी इन दरारों से मकान धराशाई हो सकता है और उनकी जान भी जा सकती है।

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