आगरा। शहर कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार चिल्लू के नेतृत्व में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की रिहाई को लेकर आज रावली स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष मौन धरना दिया गया। धरने की जानकारी होने पर पुलिस फ़ोर्स पहले ही शहीद नगर स्थित कांग्रेस शहर अध्यक्ष के निवास पर पहुंच गया और देवेंद्र चिल्लू को उनके घर मे निरुद्ध किया गया। इधर रावली स्थित महात्मा गांधी की मूर्ति पर भी कांग्रेस जन एकत्रित होने लगे थे, तभी मौका पाकर देवेंद्र चिल्लू पुलिस को चकमा देकर धरना स्थल पर पहुंच गए।
धरने की समाप्ति के बाद शहर अध्यक्ष देवेंद्र चिल्लू ने केंद्र व प्रदेश की मोदी योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस प्रकार से प्रदेश अध्यक्ष की रिहाई में न्यायलय में अभी तक विवेचना से सबंधित पत्रावली पेश नहीं करना, अपना जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगना, ये दर्शाता है कि बीजेपी सरकार तानाशाही रवैया अपनाए हुए है। प्रियंका गांधी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में अजय कुमार लल्लू के नेतृत्व में सेवा कार्य गरीबों, मजदूरों के लिए चलाए जा रहे थे, उससे कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए बुरी तरह से बौखलाकर अजय कुमार लल्लू को जेल में डाला गया, लेकिन कांग्रेस जनों के सेवा कार्यों को बीजेपी किसी भी प्रकार से रोक नहीं पाएगी।

प्रदेश सचिव अमित सिंह ने कहा कि बीजेपी की केंद्र व प्रदेश की सरकारों के लॉकडाउन व कोरोना महामारी में असफलता कोरे झूठे दावों की पोल खोलते हैं। प्रवासी मजदूरों की घर वापसी के मामलों में देश के उच्चतम न्यायालय द्वारा फटकार लगाई गई लेकिन बीजेपी सरकारों ने बेशर्मी का चोला ओढ़ लिया है। बजाय जनता की मदद करने के, करोड़ों रुपए अपनी चुनावी रैलियों में खर्च कर रही है।
पूर्व शहर अध्यक्ष राम टंडन ने कहा कि देश के लिए कितने शर्म की बात है कि कोरोना महामारी में कोरोना योद्धा चिकित्सकों पर हवाई जहाज से फूल बरसाने का झूठी नौटंकी प्रधानमंत्री मोदी जी ने की थी, लेकिन इन कोरोना योद्धाओं को अपने वेतन के लिए भी गुहार न्यायालय से लगानी पड़ रही है। जोकि बीजेपी की झूठी कथनी व करनी को एक बार फिर से उजागर करने के लिए काफी है।