Home राजनीति ‘बीजेपी सरकार में ब्राह्मणों पर बड़ा अत्याचार, हमारी सरकार बनी तो कराएंगे जांच’ – मायावती

‘बीजेपी सरकार में ब्राह्मणों पर बड़ा अत्याचार, हमारी सरकार बनी तो कराएंगे जांच’ – मायावती

by admin
'Big atrocities on Brahmins in BJP government, if our government is formed, we will investigate' - Mayawati
Spread the love

आगामी विधान सभा चुनाव को देखते हुए उत्तर प्रदेश में सभी राजनैतिक दल ब्राह्मण वोट को साधने में लगे हुए हैं। जिसके लिए दलों में प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में बसपा पूरे प्रदेश में प्रबुद्ध सम्मेलन आयोजित कर रही है। जिसका आगाज़ आज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने लखनऊ में किया। बसपा कार्यालय पर हुए प्रबुद्ध सम्मेलन में उपस्थित जनसभा को संबोधित करते हुए मायावती ने कहा कि अगर यूपी में बसपा की सरकार बनती है तो ब्राह्मणों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी। मायावती ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार में ब्राह्मणों पर अत्याचार बढ़ा है और उनके खिलाफ जो कार्रवाई हुई हैं उनकी जांच कराई जाएगी।

मायावती ने कहा कि पहले भी जब प्रदेश में बसपा सत्ता में थी तब ब्राह्मणों की हर बात को सुनी गई है। उन्होंने कहा कि हर विधानसभा में हजार कार्यकर्ता तैयार करने हैं और सबसे पहले रिजर्व सीटों पर ये काम करना है। फिर सामान्य सीटों पर ये काम करना है। मायावती ने कहा कि सतीश मिश्रा की पत्नी कल्पना मिश्रा की टीम को महिला टीम तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बसपा सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय की सोच पर चलने वाली अकेली पार्टी है। बीएसपी जो कहती है उस पर ईमानदारी और निष्ठा से अमल भी करती है, हमनें यूपी में 4 बार सरकार भी चलाकर दिखाई है और सभी जाति और धर्म के लोगों की तरक्की में पूरा ध्यान दिया है।

मायावती ने कहा कि पिछली बीएसपी सरकार में हमने सभी जातियों के साथ बराबर का व्यवहार किया और कानून का राज स्थापित किया था। पहले भी ब्राह्मण समाज को अन्य जातियों की तरह ही सुरक्षा और सम्मान दिया गया था, लेकिन 2012 में सपा की सरकार की कथनी और करनी में फर्क होने से जाति आधारित भेदभाव हुआ। इसके बाद भारी भरकम वोटों से बीजेपी सत्ता में आई लेकिन वह मानकों पर खरी नहीं उतरी और इनकी जातिवादी और द्वेषपूर्ण कार्रवाई से जनता आक्रोशित है।

संघ प्रमुख मोहन भागवत के बयान कि ‘हिन्दू-मुस्लिमों के पूर्वज एक ही हैं’, इस पर निशाना साधते हुए मायावती ने कहा कि मैं पूछना चाहती हूं कि फिर बीजेपी की सरकार हिंदू और मुसलमानों के बीच भेदभाव क्यों करती है, मुसलमानों के साथ सौतैला व्यवहार क्यों करती है।

अपनी सरकार में मूर्तियां और स्मारक बनने के आरोपों पर सफाई देते हुए मायावती ने कहा कि मुझे जिन गुरुओं और हमारे संस्थापकों का सम्मान करना था उतना कर चुकी हूं। अब मैं किसी नई मूर्ति, पार्क, स्मारक आदि को नहीं बनवाने जा रही। उन्होंने कहा कि अब अगर बीएसपी सत्ता में आती है तो उनके संरक्षण के लिए पूरा काम किया जायेगा, साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार उनका फोकस मूर्तियां और स्मारक बनवाने पर नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश के विकास पर रहने वाला है।

Related Articles