आगरा। अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए आगरा पुलिस द्वारा नव वर्ष के 3 दिन में ही विभिन्न थानों में गैंगस्टर के 25 मुकदमे लिखे जा चुके हैं। इन 25 मुकदमों में 118 अभियुक्त हैं। कोई बड़ा शराब तस्कर है तो कोई शातिर लुटेरा है, कोई चोरों का सरगना है तो कोई अपहरण में शातिर बदमाश है। कोई जुए के अड्डे चलाने में शामिल है तो कोई सट्टे का बड़ा खिलाड़ी है। समाज मे भय व्याप्त करने वाले ऐसे अपराधियों पर पुलिस ने शिकंजा कसा है जिन्होंने वर्ष 2019 में अवैध और गलत तरीके से धन अर्जित किया।
वर्ष 2018 में लूट की 192 घटनाएं हुई थी। वर्ष 2019 में इन वारदातें की संख्या 76 हुई। वर्ष 2020 में यह आंकड़ा 50 से नीचे कैसे जाए इसको लेकर एसएसपी बबलू कुमार ने अपराधों की छटनी कराई जिसमें बदमाशों ने बीच बाजार भय व्याप्त किया था और उन सभी शातिर बदमाशों पर शिकंजा कसा गया।
एसएसपी बबलू कुमार के ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए जिसके बाद दनादन गैंग चार्ट बनाये गए। सभी थाना प्रभारियों ने 1 से 3 जनवरी के बीच ताबड़तोड़ गैंगस्टर के मुकदमें लिख दिए। अभी एक दर्जन मुकदमें ओर लिखे जाने है जिनमे तकरीबन 200 अपराधी शामिल है। इनमे कुछ जेल में है तो कुछ जमानत पर बाहर है। बाहर घूम रहे अपराधियों को पकड़कर जेल भेजा जाएगा और इनाम भी घोषित होगा जिससे अपराधियों में पुलिस का भय व्याप्त हो सके।
एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि गैंगस्टर के तहत पेशेवर लुटेरों, अपहरणकर्ताओं, शराब तस्कर और सट्टे के बड़े कारोबारी सटोरियों पर कार्रवाई की गई है जो जमानत पर बाहर है उनकी गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जाएगी।
दो दशक में आगरा में यह पहला मौका है जब पुलिस ने 3 दिनों में अपराधियों के होश उड़ा दिए हैं। जेल से रिहा अपराधियों को ऐसी कार्यवाही की कोई आशंका नहीं थी। अब इस कार्यवाही के बाद मुकदमों में नामजद आरोपियों को दोबारा जमानत करानी होगी। इसके लिए जेल भी उन्हें जाना पड़ेगा। इतनी संख्या में गैंगस्टर की कार्रवाई लोकसभा और विधानसभा चुनाव के दौरान भी नहीं की गई।